हेडलाईन:
वर्दी का रौब पड़ा भारी: एसडीपीओ कार्यालय में धमकी देने पर थानाध्यक्ष लाइन हाजिर, एसपी की सख्त कार्रवाई
खबर:
सहरसा जिले के पुलिस महकमे में अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया है। बनमा इटहरी थाना की थानाध्यक्ष खुशबू कुमारी द्वारा सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ कार्यालय पहुंचकर पुलिस कर्मियों को खुलेआम धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें थानाध्यक्ष पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च को थानाध्यक्ष खुशबू कुमारी एसडीपीओ कार्यालय पहुंचीं और वहां मौजूद कर्मियों से तीखे लहजे में सवाल-जवाब करने लगीं। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा, “तुम लोगों ने मेरा अंतिम प्रगति प्रतिवेदन क्यों नहीं निकाला, सबको बर्बाद कर दूंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि “मेरा भाई भी बेतिया में डीएसपी है,” और अधिकारियों को सबक सिखाने की बात कही।
बताया जाता है कि इससे पहले 16 फरवरी को एसडीपीओ मुकेश ठाकुर द्वारा बनमा इटहरी थाना में लंबित मामलों की समीक्षा की गई थी। समीक्षा के दौरान थानाध्यक्ष को कई मामलों की अंतिम प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि 14 मार्च को आयोजित क्राइम मीटिंग तक उन्होंने केवल एक ही मामले की अंतिम रिपोर्ट सौंपी, जबकि अन्य मामलों की रिपोर्ट लंबित रही। बार-बार निर्देश के बावजूद अद्यतन रिपोर्ट नहीं देने पर वरीय अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी।
मामले की जानकारी मिलने पर एसपी हिमांशु ने कोसी रेंज के डीआईजी आशीष कुमार को अवगत कराया। डीआईजी के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से खुशबू कुमारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही चिड़ैया थाना के थानाध्यक्ष कुंदन सहनी को बनमा इटहरी थाना का नया प्रभारी बनाया गया है, जबकि इन्द्रजीत तांती को चिड़ैया थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सूत्रों के अनुसार, धमकी के दौरान थानाध्यक्ष ने कर्मियों से यह भी कहा कि “हम कोई कमजोर घर के नहीं हैं, 5-10 हजार रुपये तो ऐसे ही खर्च कर देते हैं।” इस घटना ने पुलिस विभाग में अनुशासन और कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।