सहरसा। अगस्त 2019 में करण टाइगर की हत्या के बाद से ही उसके भाई हत्या का बदला लेने की तैयारी में थे। करण टाइगर हत्याकांड के मुख्य शूटर छोटू मिश्रा खास निशाने पर था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार सात साल से करण टाइगर के हत्या का बदला लेने की तैयारी थी। वर्ष 2023 में जब छोटू मिश्रा जेल से बाहर आया उस वक्त ही हमले की तैयारी थी।
हालांकि बहन की शादी नहीं होने के कारण तुषार शांत रहा। बीस फरवरी को तुषार के बहन की शादी संपन्न हुई। इसके बाद से योजना बनायी जा रही थी। चौदह मार्च को कुख्यात छोटू मिश्रा की हत्या छह शूटरों ने मिलकर कर दी।
पिता की हत्या का बदला लेने के लिए हत्याकांड में दिया सहयोग
कुख्यात छोटू मिश्रा हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है। इसमें चार शूटर गोलियां चलाते हुए दिख रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इन चारों में से एक शूटर ने इस कांड में करण टाइगर के भाई तुषार का सहयोग इसलिए किया क्योंकि उसे अपने पिता की हत्या का बदला लेना है।
काफी पहले उसके पिता की हत्या हुई थी। छोटू मिश्रा हत्याकांड में गिरफ्तार शूटर ने पुलिस के समक्ष यह खुलासा किया है कि तुषार जगुआर ने उसे पिता की हत्या का बदला लेने का भरोसा उसे दिया था।
बैरियर तोड़ कर भागा शूटर
शनिवार की पूरी रात पुलिस कई मोर्चे पर सक्रिय थी। सहरसा, सुपौल के अलावा मुजफ्फरपुर तक पुलिस पूरी तैयारी में थी। हालांकि पुलिस एक शूटर की गिरफ्तारी के लिए पीछा करते हुए मुजफ्फरपुर तक पहुंची हालांकि शूटर बैरियर तोड़ कर भाग निकलने में कामयाब हो गया।
चार दिन पहले छाेटू ने खरीदी थी थार
हत्या के चार दिन पहले छोटू मिश्रा ने काले रंग की थार खरीदी थी। इस थार खरीदगी के बाद करण टाइगर के भाई व उसके दोस्तों को काफी बुरा लगा था। बताया जाता है कि छाेटू ने यह गाड़ी नगद देकर खरीदी थी। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि आखिर इतनी बड़ी रकम छाेटू ने कहां से लायी थी।