Bihar Crime News: पूर्णिया में मंगलवार को अपराधियों ने शहर के बड़े कारोबारी के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी. मक्का व्यवसाय के दिग्गज और शहर के सबसे बड़े मक्का गोदाम के मालिक जवाहर यादव के बेटे सूरज बिहारी पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की. वारदात मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक के पास हुई. जिसके बाद इलाके में दहशत फैल गई.
बताया जा रहा है कि सूरज बिहारी जैसे ही अपनी कार से नीचे उतरे, पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ 5 राउंड फायरिंग कर दी. इसमें 3 गोलियां सूरज को लगीं. जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
बचाने आए गार्ड और भाई पर भी बरसी गोलियां
सूरज बिहारी के साथ मौजूद प्राइवेट गार्ड प्रेम कुमार और उनके फुफेरे भाई ने उन्हें बचाने की कोशिश की. लेकिन बदमाशों ने उन पर भी फायरिंग कर दी. किसी तरह दोनों जान बचाकर वहां से भागे.
भाई की मदद करने गए थे सूरज
प्राइवेट गार्ड प्रेम कुमार के मुताबिक, पूरा विवाद सरस्वती पूजा के दिन इंस्टाग्राम रील बनाने को लेकर शुरू हुआ था. सूरज बिहारी के छोटे भाई उदय यादव और आरोपियों ब्रजेश सिंह व नंदू सिंह के बीच उस दिन कहासुनी हुई थी. जिसे बाद में सुलझा लिया गया था.
मंगलवार सुबह आरोपियों ने उदय यादव के एक ब्लॉगर दोस्त को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी. जब उदय मौके पर पहुंचा तो उसे भी 20-25 गुर्गों के साथ बंधक बनाकर पीटा गया. उदय ने किसी तरह बड़े भाई सूरज बिहारी को फोन कर अपनी जान बचाने की गुहार लगाई.
समझौते के बहाने बुलाया, फिर मारी गोली
फोन पर बातचीत के दौरान आरोपियों ने सूरज बिहारी को समझौते के लिए नेवालाल चौक बुलाया. सूरज अपने गार्ड के साथ जैसे ही वहां पहुंचे और गाड़ी से उतरे, तभी ब्रजेश और नंदू सिंह ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. पहली गोली पीठ में, दूसरी कमर के ऊपर और तीसरी बांह में लगी. गोलियों से लहूलुहान होकर सूरज बिहारी की मौके पर ही मौत हो गई.
स्मैक गिरोह चलाने का आरोप, दोनों भाई फरार
मृतक के परिजनों ने नेवालाल चौक निवासी ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह पर हत्या का आरोप लगाया है. बताया जा रहा है कि दोनों स्मैक तस्करी का गिरोह चलाते हैं. वारदात के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं.
सोशल मीडिया पर एक्टिव थे सूरज बिहारी
सूरज बिहारी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव थे और रील्स बनाने के शौकीन थे. हाल ही में उन्होंने लैंड रोवर कार खरीदकर उसके साथ रील पोस्ट की थी, जो अब चर्चा का विषय बनी हुई है.
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही मरंगा थाना अध्यक्ष कौशल कुमार और सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को जी होप हॉस्पिटल से जीएमसीएच पूर्णिया भेजकर पोस्टमॉर्टम कराया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.