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Sunday, January 4, 2026

BIHAR:बिहार का लाल बना लद्दाख का DGP, दो बार मिल चुका है राष्ट्रपति पुरस्कार, कौन हैं IPS मुकेश सिंह?

बिहार के लाल सीनियर आईपीएस अधिकारी मुकेश सिंह को लद्दाख का नया डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति गृह मंत्रालय की ओर से की गई है. इनके साथ कई और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं.

से में आईपीएस मुकेश सिंह की चर्चा हो रही है. आइए जानते हैं कि उन्होंने कहां तक पढ़ाई लिखाई की है और कब उन्होंने यूपीएससी क्रैक किया था.

मुकेश सिंह ने लद्दाख के DGP का पदभार संभाला है. उनकी नियुक्ति 1995 AGMUT कैडर के आईपीएस शिव दर्शन सिंह जमवाल के स्थान पर की गई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आईपीएस दर्शन सिंह का ट्रांसफर कर उन्हें अरुणाचल प्रदेश का नया डीजीपी बनाया है. मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आदेश बीते शुक्रवार को जारी किया गया.

कौन हैं IPS मुकेश सिंह?

मुकेश सिंह 1996 बैच AGMUT (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के सीनियर आईपीएस अधिकारी हैं. उन्होंने 1995 में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी और चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए किया गया है. वह मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के मंझौल गांव के रहने वाले हैं. आईपीएस सिंह आतंकवाद विरोधी मामलों के स्पेशलिस्ट हैं और उन्हें जम्मू और कश्मीर के रियासी, पुलवामा और पुंछ इलाकों में काम करने का अनुभव है. वह पहले जम्मू और कश्मीर में सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के पद पर भी रह चुके हैं.

IIT दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में किया है बीटेक

आईपीएस मुकेश सिंह ने आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. कुछ समय तक उन्होंने प्राइवेट नौकरी की की थी. मूल रूप से जम्मू और कश्मीर कैडर के अधिकारी सिंह 2019 में इसके पुनर्गठन के बाद AGMUT कैडर में बने रहे. वह जम्मू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) भी रह चुके हैं. वह नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) स्थापना के कोर टीम का हिस्सा थे.

दो बार मिला राष्ट्रपति पुरस्कार, लिख चुके हैं कई किताब

उन्हें वीरता के लिए दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है. पहला पुरस्कार 2003 में और दूसरा 2005 में मिला. इसके अलावा उन्हें 2002 में शेर-ए-कश्मीर पुलिस वीरता पदक और 2014 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने पुलिस ऑपरेशन, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन करना (2014), एनकाउंटर किलिंग की जांच (2016) और लद्दाख पोस्टिंग का रणनीतिक महत्व सहित कई किताब भी लिख चुके हैं.

ITBP में रहे ADG

वह 2023 में आईटीबीपी के महानिरीक्षक (IG) बने थे. इसके बाद सितंबर 2025 से जनवरी 2026 तक वह ITBP में अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) पद पर रहें. ITBP के साथ उनके अनुभव ने सीमा सुरक्षा और ऊंचाई वाले ऑपरेशनों में उनके अनुभव को और मजबूत किया. NIA में रहते हुए आईपीएस सिंह ने कई हाई-प्रोफाइल आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों की जांच की और अपनी ऑपरेशनल और जांच विशेषज्ञता के लिए पहचान हासिल की.