पटना। बिहार की राजधानी पटना में खगड़िया के एसपी और आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह का पारिवारिक विवाद लगातार चर्चा में है। सोमवार को उनकी पत्नी पूजा सिंह लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान उन्होंने अपने पति और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस मुख्यालय में पति से मुलाकात होने के बावजूद अपनी छह वर्षीय बेटी से नहीं मिल पाने का आरोप लगाते हुए पूजा भावुक हो गईं और मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोने लगीं।
बेटी से मुलाकात नहीं होने पर भावुक हुईं पूजा
पूजा सिंह के अनुसार, वह रविवार को भी मुख्यमंत्री आवास पहुंची थीं। उस दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनकी मुलाकात पति भानु प्रताप सिंह और बेटी से कराई जाएगी। इसी उम्मीद में वह सोमवार को दोबारा पहुंचीं।
बताया जा रहा है कि पुलिस मुख्यालय में उनकी मुलाकात आईपीएस भानु प्रताप सिंह से कराई गई, लेकिन इस मुलाकात के दौरान उनकी बेटी मौजूद नहीं थी। इससे पूजा काफी निराश हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें झूठा आश्वासन दिया गया और जानबूझकर अपनी बच्ची से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
'पूरा सिस्टम मेरे पति के साथ खड़ा है'
मीडिया से बातचीत के दौरान पूजा सिंह ने अपने पति पर उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने एडीजी, डीजीपी और आईजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी पक्षपात और मिलीभगत के आरोप लगाए।
पूजा का कहना था कि पुलिस विभाग के सभी बड़े अधिकारी उनके पति का साथ दे रहे हैं और उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बिहार की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग सिर्फ इतनी है कि उन्हें उनकी छह साल की बेटी से मिलने दिया जाए।
बेटी से नहीं मिलने पर आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी
बातचीत के दौरान पूजा सिंह ने अपनी मानसिक पीड़ा जाहिर करते हुए आत्मघाती कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बेटी से अलग रहना उनके लिए असहनीय हो रहा है और वह उसके बिना नहीं जी पाएंगी।
उनके इस बयान के बाद मौके पर मौजूद लोगों और मीडिया कर्मियों के बीच चिंता का माहौल बन गया। घटना के बाद उनके बेहोश होने की भी खबर सामने आई है।
बेटी से मुलाकात और न्याय की मांग
पूजा सिंह लगातार अपनी छह वर्षीय बेटी से मुलाकात कराने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद में बच्ची को उनसे दूर नहीं रखा जाना चाहिए।
फिलहाल इस पूरे मामले में पूजा सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों और आईपीएस भानु प्रताप सिंह का पक्ष अलग-अलग हैं। मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच और बच्ची के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने की जरूरत है।
इस विवाद ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के पारिवारिक विवाद में संबंधित पक्षों की शिकायतों और बच्चों के हितों को लेकर व्यवस्था किस तरह संवेदनशीलता से काम करती है।
नोट: पूजा सिंह द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की बात कहे जाने के मद्देनजर उनकी सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर तत्काल ध्यान दिया जाना जरूरी है।