बिहार के ब्रह्मपुर प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सोनू कुमार और ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) अल्पिका सिंह के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। आठ महीने से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर RDO अल्पिका सिंह दो दिन पहले कटोरा लेकर प्रखंड कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गईं। एक सरकारी पदाधिकारी का बकाया वेतन पाने के लिए कटोरा लेकर विरोध जताना अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
RDO अल्पिका सिंह का कहना है कि करीब 11 महीने की सेवा अवधि में उन्हें महज तीन महीने का वेतन मिला है। शेष आठ महीने का वेतन अब तक लंबित है। उनका आरोप है कि वह नियमित रूप से विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं, इसके बावजूद वेतन नहीं मिलने से उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
BDO सोनू कुमार पर पहले भी लगा चुकी हैं मानसिक प्रताड़ना का आरोप
अल्पिका सिंह इससे पहले भी प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनू कुमार पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार और कार्यालयीन सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगा चुकी हैं। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव सहित ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और मंत्री स्तर तक लिखित शिकायत की थी।
अपने आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें बार-बार स्पष्टीकरण जारी कर परेशान किया जाता है, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से उनका पंजीकरण भी हटा दिया गया था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।
शिकायत के बाद मिला आवास और बैठने के लिए चेंबर
लगातार शिकायतों और विभागीय पत्राचार के बाद RDO को प्रखंड कार्यालय परिसर में आवास और बैठने के लिए चेंबर उपलब्ध कराया गया। इससे पहले उन्होंने कार्यालय में बैठने के लिए उचित स्थान और आवास नहीं मिलने की शिकायत की थी। हालांकि, इन समस्याओं का समाधान होने के बावजूद वेतन भुगतान का मामला अब तक नहीं सुलझ पाया है।
6 अक्टूबर 2025 को किया था योगदान
RDO के अनुसार, उन्होंने 6 अक्टूबर 2025 को ब्रह्मपुर प्रखंड में योगदान दिया था। इसके बाद से वह नियमित रूप से अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। उनका दावा है कि करीब 11 महीने की सेवा अवधि में उन्हें केवल तीन महीने का वेतन मिला है, जबकि आठ महीने का भुगतान अब भी बाकी है।
इस संबंध में उन्होंने 12 अक्टूबर को ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को आवेदन देकर बकाया वेतन का भुगतान कराने और भुगतान लंबित रहने का कारण स्पष्ट करने की मांग की थी। इसके बावजूद समाधान नहीं होने पर उन्होंने कटोरा लेकर धरने पर बैठने का फैसला किया।
विभागीय जांच और कार्रवाई का इंतजार
RDO पहले भी BDO पर धमकी देने और अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर चुकी हैं। उन्होंने बायोमेट्रिक उपस्थिति के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच और अपने खिलाफ जारी स्पष्टीकरणों की समीक्षा कराने की भी मांग की है।
अब इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक सरकारी पदाधिकारी को अपने ही विभाग में बकाया वेतन के लिए कटोरा लेकर धरने पर बैठने की नौबत क्यों आई? आठ महीने से वेतन भुगतान किस स्तर पर और किन कारणों से लंबित है? क्या विभागीय स्तर पर इस विवाद की निष्पक्ष जांच होगी और RDO को उनका बकाया वेतन मिल पाएगा?
क्या कहते हैं BDO सोनू कुमार
इस मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनू कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि वेतन भुगतान के लिए जिलाधिकारी के पास पत्र भेज दिया गया है।
फिलहाल पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों के अगले कदम और बकाया वेतन भुगतान को लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।