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Thursday, November 5, 2026

बिहार के मुंगेर से बंगाल तक फैला हथियार तस्करी का नेटवर्क बेनकाब, 38 अवैध हथियार और 122 कारतूस बरामद; 1150 जिलेटिन स्टिक व डेटोनेटर के जखीरे के साथ 2 गिरफ्तार

बिहार के मुंगेर से बंगाल तक फैला हथियार तस्करी का नेटवर्क बेनकाब, 38 अवैध हथियार और 122 कारतूस बरामद; 1150 जिलेटिन स्टिक व डेटोनेटर के जखीरे के साथ 2 गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतरराज्यीय हथियार और विस्फोटक तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। एसटीएफ की लगातार छापेमारी में अब तक 38 अवैध हथियार, 122 कारतूस और दो खाली मैगजीन बरामद किए गए हैं। वहीं, बीरभूम जिले में अलग से कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

जांच में बिहार के मुंगेर से अवैध हथियार खरीदकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, बीरभूम से बरामद विस्फोटकों की शुरुआती जांच में इनके बिहार और झारखंड में भेजे जाने की आशंका जताई गई है। एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी है।

जामुड़िया से शुरू हुई थी हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच

एसटीएफ पश्चिम बंगाल के एसपी सिद्धार्थ दोपला ने गुरुवार को दुर्गापुर स्थित एसटीएफ कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई की जानकारी दी। इस दौरान डीएसपी एसटीएफ अरिजीत दास गुप्ता भी मौजूद थे।

उन्होंने बताया कि हथियार तस्करी का मामला 30 जुलाई को जामुड़िया के बेलबाद मोड़ से खैरुल आलम चौधरी उर्फ गदाई की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।

जांच के दौरान बिहार के मुंगेर से अवैध हथियार खरीदकर बंगाल के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पता चला। इस मामले में रांची से मोहम्मद समशेर हुसैन और पांडवेश्वर से शेख सहजान उर्फ सहजान को गिरफ्तार किया गया।

मुंगेर से बंगाल पहुंच रहे थे अवैध हथियार

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर एसटीएफ ने अंडाल और पांडवेश्वर इलाके में छापेमारी की। इस दौरान हथियारों और कारतूसों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।

3 और 5 नवंबर को पांडवेश्वर थाना क्षेत्र के धनबांध गांव में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान 21 अवैध हथियार और 65 कारतूस जब्त किए गए। बरामद हथियारों में छह लंबी बंदूकें, चार 7 एमएम पिस्टल और 11 पाइप गन शामिल हैं।

इसके अलावा 8 एमएम के 47 कारतूस और 7.65 एमएम के 18 कारतूस भी बरामद किए गए।

अब तक 38 हथियार और 122 कारतूस जब्त

एसटीएफ की कार्रवाई में पहले खैरुल आलम के पास से दो हथियार और मोहम्मद समशेर हुसैन के पास से 15 हथियार बरामद किए गए थे। इसके बाद पांडवेश्वर और अंडाल इलाके में लगातार छापेमारी की गई।

पुलिस के मुताबिक, अब तक पूरे अभियान में कुल 38 अवैध हथियार, 122 कारतूस और दो खाली मैगजीन बरामद किए जा चुके हैं। एसटीएफ को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी सक्रिय हैं।

बीरभूम में विस्फोटकों का मिला भारी जखीरा

हथियार तस्करी के समानांतर एसटीएफ ने बीरभूम जिले में भी बड़ी कार्रवाई की। 4 और 5 नवंबर की दरम्यानी रात मुराराई थाना क्षेत्र के बरुआ गोपालपुर गांव में एक ठिकाने पर छापेमारी की गई।

इस दौरान मोहम्मद रजा शेख उर्फ गुड़ा शेख (56) और मुकेश सिंह (49) को गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।

बरामद विस्फोटकों में 1,150 जिलेटिन स्टिक, डेटोनेटर और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिक केबल तथा डेटोनेटिंग कॉर्ड शामिल हैं। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में डेटोनेटर की संख्या और केबल की मात्रा अलग-अलग बताई गई है। एक विवरण में 1,064 डेटोनेटर और 375 मीटर के 32 रोल इलेक्ट्रिक केबल, जबकि दूसरे में 989 डेटोनेटर और 12 हजार मीटर डेटोनेटिंग कॉर्ड का उल्लेख है।

बिहार और झारखंड में सप्लाई की आशंका

एसटीएफ की शुरुआती जांच में पता चला है कि बीरभूम से बरामद विस्फोटकों की आपूर्ति बिहार और झारखंड में की जानी थी। हालांकि, विस्फोटकों को कहां और किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जाना था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) की भूमिका भी जांच में सामने आई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर किसने उपलब्ध कराए और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पूरे नेटवर्क की तलाश में छापेमारी जारी

एसटीएफ ने हथियार और विस्फोटक बरामदगी से जुड़े मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों, हथियारों के स्रोत, सप्लाई चेन और संभावित खरीदारों का पता लगा रही है।

बिहार के मुंगेर से बंगाल तक हथियारों की सप्लाई और बंगाल से बिहार-झारखंड तक विस्फोटकों के संभावित नेटवर्क का खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम मामला बन गया है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।