भोजपुर में थाने की बैरक में चली गोली, होमगार्ड जवान की मौत; राइफल वाला साथी फरार
सीने में लगी गोली, शरीर को चीरते हुए दाएं कंधे से निकली; हत्या या हादसा, FSL जांच में जुटी पुलिस
आरा/भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में संदेश थाना परिसर स्थित बैरक में रविवार रात गोली चलने से 25 वर्षीय होमगार्ड जवान मोनल राय की मौत हो गई। गोली उनके सीने के बाईं ओर लगी और शरीर को पार करते हुए दाएं कंधे से बाहर निकल गई। गंभीर रूप से घायल जवान को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आरा रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान सहार थाना क्षेत्र के गुलजारपुर गांव, वार्ड नंबर-12 निवासी प्रेम शंकर राय के पुत्र मोनल राय के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोली साथी जवान रितु की थ्री नॉट थ्री राइफल से चली थी। घटना के बाद से रितु फरार बताया जा रहा है। गोली गलती से चली या जानबूझकर फायरिंग की गई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस हत्या और हादसे समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
ड्यूटी खत्म कर बैरक में आराम कर रहे थे मोनल
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम ड्यूटी खत्म होने के बाद मोनल राय बैरक लौटे थे। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में आराम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। फायरिंग की आवाज से बैरक में अफरा-तफरी मच गई।
आवाज सुनकर दूसरे कमरों में मौजूद जवान मौके पर पहुंचे। वहां मोनल खून से लथपथ हालत में मिले। साथी जवानों ने उन्हें तत्काल इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने आरा रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित, होमगार्ड कमांडेंट सुभाष सिंह, नगर थानाध्यक्ष देवराज राय समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी।
राइफल गिरने से गोली चलने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में आशंका जताई जा रही है कि साथी जवान रितु के कमरे में वर्दी उतारने के दौरान राइफल गिर गई थी। राइफल लोडेड होने के कारण गिरने से गोली चलने की बात सामने आई है। हालांकि, इस घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि गोली सीधे मोनल राय के सीने में लगी और शरीर को पार करते हुए दाएं कंधे से बाहर निकल गई। गंभीर चोट लगने के कारण उनके शरीर से काफी खून बह गया था।
घटना के बाद रितु घायल जवान को लेकर इलाज के लिए आरा के एक निजी अस्पताल पहुंचा था। इसके बाद उसके फरार होने की बात सामने आई है। वह सहार थाना क्षेत्र के एकवारी गांव का निवासी बताया जा रहा है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गोली किन परिस्थितियों में चली और घटना के बाद रितु के फरार होने की वजह क्या थी। फिलहाल, गोली चलने की वजह को लेकर सामने आई जानकारी को जांच के आधार पर ही सत्यापित किया जा सकेगा।
एसपी बोले- पोस्टमॉर्टम और FSL रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
भोजपुर के एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि संदेश थाना परिसर की बैरक में फायरिंग के दौरान जवान मोनल राय के सीने में गोली लगी थी। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
एसपी के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम पहुंची और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। जब्त राइफल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस बैरक में मौजूद जवानों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में दोनों जवानों के बीच किसी पुराने विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है। बताया गया है कि मोनल और रितु दोस्त थे। पुलिस गश्ती दल के जवानों से भी पूछताछ कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
साथी जवान ने बताया- गोली चलने की आवाज के बाद पहुंचे कमरे में
मोनल के साथी जवान उत्तम ने बताया कि उनके कमरे में चार जवान रहते थे। रविवार शाम ड्यूटी खत्म होने के बाद सभी बैरक लौट आए थे। खाना खाने के बाद कुछ देर आराम किया गया।
उत्तम के अनुसार, रात करीब साढ़े नौ बजे मिठाई खाने के बाद वह सो गए थे। इसके बाद वे लोग रात की ड्यूटी के लिए निकल गए। इसी दौरान गोली चलने की सूचना मिली, जिसके बाद वे बैरक पहुंचे।
उन्होंने बताया कि कमरे में मौजूद दो जवान सचिन और रिशु रो रहे थे। उन्होंने बताया कि मोनल को गोली लग गई है। इसके बाद सभी लोग उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।
उत्तम ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि गोली किस परिस्थिति में चली। घटना के समय कमरे में मौजूद जवानों के बयान पुलिस जांच का अहम हिस्सा होंगे।
भाई से आखिरी बातचीत में सब कुछ ठीक बताया था
मोनल राय के बड़े भाई धीरज कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी अन्य लोगों से मिली। रविवार की शाम करीब आठ बजे उनकी मोनल से फोन पर बात हुई थी। उस समय मोनल ड्यूटी से लौटे ही थे और बातचीत में सब कुछ सामान्य लग रहा था।
धीरज के मुताबिक, मोनल बाइक खरीदने की तैयारी कर रहे थे, ताकि आने-जाने में परेशानी न हो। उन्होंने भाई को छुट्टी लेकर घर आने और फिर साथ में बाइक देखने की सलाह दी थी। इस पर मोनल ने बताया था कि उन्हें साहब से छुट्टी नहीं मिली है और वह मंगलवार को छुट्टी लेकर घर आएंगे।
धीरज ने कहा कि उनके भाई का किसी से कोई विवाद नहीं था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।
2025 में होमगार्ड में हुए थे भर्ती
मोनल राय वर्ष 2025 में होमगार्ड में भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग भोजपुर जिले के खवासपुर थाना में हुई थी। इसके बाद उन्होंने नारायणपुर थाना और आरा मंडल कारा में ड्यूटी की। करीब एक महीने पहले उनका तबादला संदेश थाना में किया गया था।
परिवार के अनुसार, मोनल अपने भाई धीरज कुमार और बहन सोनी कुमारी से छोटे थे। उनकी मां अनीता देवी गृहिणी हैं, जबकि पिता किसान हैं। बड़े भाई धीरज कुमार बालू घाट पर काम करते हैं।
जवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस युवक ने हाल ही में होमगार्ड की नौकरी शुरू की थी, उसकी अचानक मौत से परिवार सदमे में है।
हत्या या हादसा, जांच के बाद खुलेगा राज
संदेश थाना परिसर की बैरक में हुई इस घटना ने पुलिस महकमे में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक जवान की मौत हो गई, जबकि जिस साथी की राइफल से गोली चलने की बात सामने आई है, वह फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के सामने अब यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि गोली दुर्घटनावश चली थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, राइफल की फॉरेंसिक जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल पुलिस ने जांच जारी होने की बात कही है। जब तक जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आते, तब तक घटना को हत्या या महज हादसा मानना जल्दबाजी होगी।