महिला सिपाही गुंजन हत्याकांड में पति को 10 साल की सजा, शादी के 4 महीने बाद हुई थी मौत; भाई बोला- और कड़ी सजा की उम्मीद थी
मुजफ्फरपुर। बेनीबाद थाना में तैनात महिला सिपाही गुंजन कुमारी की मौत के मामले में अदालत ने उसके पति राहुल कुमार को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे-8 की अदालत ने 28 सितंबर 2026 को राहुल को दोषी करार दिया था। बुधवार, 30 सितंबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत ने उसे धारा 304 के तहत 10 साल की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से राहुल को आजीवन कारावास की सजा देने की मांग की गई थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राधा मोहन सिंह के अनुसार, मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई की। मामले में कुल सात लोगों की गवाही हुई।
शादी के चार महीने बाद हुई थी गुंजन की मौत
गुंजन कुमारी करीब 25 वर्ष की थी और वर्ष 2018 से मुजफ्फरपुर जिला बल में सिपाही के पद पर कार्यरत थी। उसकी शादी 29 मई 2023 को कटिहार निवासी राहुल कुमार से हुई थी। शादी के करीब चार महीने बाद 26 सितंबर 2023 को उसकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप था कि शादी के बाद से ही गुंजन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। भाई नीतीश कुमार के अनुसार, राहुल कार खरीदने के लिए भी पैसे की मांग करता था।
10 लाख का लोन लेकर खरीदी थी सेकंड हैंड कार
परिवार के मुताबिक, राहुल ने गुंजन पर दबाव बनाकर उसके नाम से करीब 10 लाख रुपये का लोन कराया था। इसी रकम से सेकंड हैंड कार खरीदी गई थी। नीतीश के अनुसार, 21 सितंबर 2023 को लोन की प्रक्रिया पूरी हुई और कार खरीदी गई थी। इसके कुछ ही दिन बाद 26 सितंबर को गुंजन की मौत हो गई।
परिवार का यह भी कहना था कि राहुल गुंजन के सरकारी क्वार्टर के पास ही कमरा लेकर रहने लगा था और लगातार पैसों की मांग करता था।
गला दबाकर हत्या का लगाया था आरोप
गुंजन की मौत के बाद उसके भाई नीतीश कुमार ने बेनीबाद थाने में राहुल और उसके परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। परिवार ने आरोप लगाया था कि गुंजन की गला दबाकर हत्या की गई और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया।
पुलिस की जांच के बाद राहुल को हिरासत में लिया गया और मामला अदालत तक पहुंचा। करीब तीन साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने 28 सितंबर 2026 को उसे दोषी करार दिया।
भाई ने कहा- सजा से संतोष, लेकिन उम्मीद थी और कड़ी सजा मिलेगी
अदालत के फैसले के बाद गुंजन के भाई नीतीश कुमार ने कहा कि करीब तीन साल बाद मिली सजा से परिवार को संतोष है, लेकिन उन्हें इससे भी कड़ी सजा की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि परिवार अपने अधिवक्ता से सलाह लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला करेगा और जरूरत पड़ने पर ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी।
अपर लोक अभियोजक राधाकांत प्रसाद ने बताया कि अभियोजन की ओर से अदालत में राहुल के लिए आजीवन कारावास की मांग की गई थी, जबकि अदालत ने उसे धारा 304 के तहत 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है।