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Friday, October 2, 2026

सहरसा में अभिजीत सिंह राजपूत हत्याकांड की जांच तेज: भाई अनंत राज से पुलिस ने की पूछताछ, 10 लाख की कथित सुपारी समेत कई बिंदुओं पर मिली अहम जानकारी

सहरसा में अभिजीत सिंह राजपूत हत्याकांड की जांच तेज: भाई अनंत राज से पुलिस ने की पूछताछ, 10 लाख की कथित सुपारी समेत कई बिंदुओं पर मिली अहम जानकारी

सहरसा। अभिजीत सिंह राजपूत हत्याकांड की जांच में पुलिस ने शुक्रवार को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया। हत्याकांड के उद्भेदन और घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों को समझने के लिए पुलिस ने मृतक के भाई अनंत राज को सदर थाना बुलाकर विस्तार से पूछताछ की। इस दौरान घटना से पहले की परिस्थितियों, पुराने विवाद, 10 लाख रुपये की कथित सुपारी और अभिजीत के साथ किसी बड़ी घटना की आशंका को लेकर हुई बातचीत सहित कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई।

पुलिस अब पूछताछ में सामने आई जानकारियों को पहले से जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपितों से मिली जानकारी से जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है।

फर्द बयान में दर्ज 10 लाख की कथित सुपारी पर पुलिस की नजर

मृतक के भाई अनंत राज के फर्द बयान में 10 लाख रुपये की कथित सुपारी का जिक्र किया गया था। पूछताछ के दौरान पुलिस ने इस बिंदु पर भी जानकारी ली। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित सुपारी की बात उन्हें किस माध्यम से पता चली और इसका संबंध हत्या की घटना से किस स्तर तक हो सकता है।

इसके अलावा अभिजीत सिंह राजपूत के साथ पहले से चल रहे विवादों और घटना से पहले हुई बातचीत के बारे में भी पुलिस ने जानकारी जुटाई। जांच एजेंसी इन सभी तथ्यों को आपस में जोड़कर हत्या के पीछे की संभावित वजह और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

हालांकि 10 लाख रुपये की कथित सुपारी से जुड़ी बात अभी जांच का हिस्सा है। पुलिस की ओर से इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

शव मिलने के करीब 24 घंटे बाद गीली पैंट मिलने पर उठे सवाल

हत्याकांड की जांच में घटनास्थल से जुड़े कुछ पहलू भी चर्चा में हैं। बताया गया है कि हत्या के करीब 24 घंटे बाद अभिजीत का शव बरामद किया गया था। ऐसे में मृतक की पैंट गीली होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

लोगों और परिजनों के बीच यह सवाल भी है कि शव बरामद होने से पहले घटनास्थल के आसपास किसी तरह की गतिविधि हुई थी या नहीं। हालांकि इन परिस्थितियों की वास्तविक वजह क्या थी, इसका स्पष्ट जवाब पुलिस की जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आ सकेगा।

गायब सामानों की बरामदगी भी पुलिस के लिए चुनौती

हत्याकांड में मृतक के कुछ सामानों के गायब होने का पहलू भी जांच के दायरे में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक इन सामानों की बरामदगी नहीं हो सकी है।

पुलिस के लिए इन सामानों की बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इनके मिलने से हत्या के बाद की गतिविधियों और घटना से जुड़े संभावित सुराग सामने आ सकते हैं। इसी वजह से पुलिस गायब सामानों की तलाश के साथ-साथ आरोपितों और घटना से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।

गीले कपड़ों और अन्य साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच पर भी नजर

घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों को लेकर भी कई सवाल सामने आए हैं। खास तौर पर यह जानने की जरूरत है कि मृतक के गीले कपड़ों समेत घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को वैज्ञानिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है या नहीं।

यदि ऐसे साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा गया है, तो उनकी रिपोर्ट से घटना की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। घटना के करीब 15 दिन बाद भी ऐसी किसी रिपोर्ट के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा है। हालांकि जांच एजेंसी की ओर से रिपोर्ट को लेकर कोई अंतिम जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के विस्तृत निष्कर्ष का इंतजार

हत्याकांड की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अहम मानी जा रही है। हत्या का संभावित समय, चोटों की प्रकृति और मौत से जुड़े अन्य चिकित्सकीय तथ्यों की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के विस्तृत निष्कर्ष से मिल सकती है।

पुलिस की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों को घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों से मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा। विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हत्या से जुड़े कई सवालों पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

दो आरोपित न्यायिक हिरासत में, साजिश के अन्य पहलुओं की जांच जारी

इस मामले में पुलिस अब तक दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। इसके बावजूद पुलिस के सामने हत्या की पूरी साजिश, 10 लाख रुपये की कथित सुपारी, पुराने विवाद, गायब सामान और अन्य संभावित लोगों की भूमिका से जुड़े कई बिंदुओं की जांच बाकी है।

मृतक के भाई अनंत राज से हुई ताजा पूछताछ के बाद पुलिस इन जानकारियों को केस में अब तक सामने आए तथ्यों से जोड़कर आगे की कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि अभिजीत सिंह राजपूत की हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, घटना की पूरी योजना किस तरह बनी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

पुलिस की जांच पूरी होने और वैज्ञानिक साक्ष्यों व रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।