नशे के खिलाफ एकजुट हुआ श्रीनगर, नशामुक्त पंचायत बनाने का लिया संकल्प
मधेपुरा/घैलाढ़। गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को घैलाढ़ प्रखंड की श्रीनगर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय श्रीनगर के प्रांगण में नशे के खिलाफ जनजागरूकता को लेकर आमसभा आयोजित की गई। मुखिया गौरी देवी की अध्यक्षता में आयोजित सभा का मंच संचालन उमाशंकर यादव ने किया। आमसभा में जनप्रतिनिधियों, कर्मियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और पंचायत को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कोशी लाइव, मधेपुरा से पप्पू मेहता की रिपोर्ट।
नशा समाज के लिए बनता जा रहा कोढ़
आमसभा को संबोधित करते हुए जिला परिषद प्रतिनिधि डॉ. बीके आर्यन और किसान सलाहकार राजेश कुमार पप्पू ने कहा कि नशा धीरे-धीरे समाज के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। खासकर सूखे नशे की बढ़ती लत युवाओं को बर्बादी की ओर ले जा रही है। नशे के बढ़ते प्रभाव के कारण चोरी जैसी घटनाओं में वृद्धि होने के साथ परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे की गिरफ्त में आने वाले युवाओं के व्यवहार में बदलाव आने से पारिवारिक विवाद और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
युवाओं को नशे से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी
उप प्रमुख मंजू सुमन, सरपंच शोभा देवी, जिला परिषद प्रतिनिधि डॉ. बीके आर्यन, समिति प्रतिनिधि सुनील कुमार सुमन, रोजगार सेवक सुधिष्ठ कुमार, किसान सलाहकार राजेश कुमार पप्पू, अनिल यादव सहित अन्य वक्ताओं ने भी सभा को संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। इससे उनकी पढ़ाई, कामकाज और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसलिए युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए परिवार, जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी लोगों को मिलकर प्रयास करना होगा।
घर-घर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर
सभा में वक्ताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ सिर्फ एक दिन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए लगातार घर-घर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। लोगों को नशे के स्वास्थ्य, आर्थिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देकर इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि “जन-जन की यही पुकार, नशामुक्त हो मेरा परिवार” के संदेश को हर घर तक पहुंचाया जाए। जब परिवार और समाज मिलकर नशे के खिलाफ मजबूती से खड़ा होगा, तभी स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव होगा।
ग्रामीणों ने ली नशामुक्त पंचायत बनाने की शपथ
आमसभा के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने नशामुक्त एवं स्वच्छ पंचायत बनाने की सामूहिक शपथ ली। लोगों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार के सदस्यों, बच्चों तथा आसपास के लोगों को भी नशे से बचने के लिए जागरूक करेंगे।
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस पहल को ग्रामीणों ने सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। लोगों ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता के साथ सामूहिक भागीदारी भी जरूरी है।
कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीणों के अलावा पंचायत के जनप्रतिनिधि, कर्मी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।