घैलाढ़ की जर्जर सड़क को लेकर छात्र नेता आनंद शंकर ने उठाई आवाज, मरम्मत और जल निकासी की मांग
घैलाढ़। घैलाढ़ प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली भतरंधा, घोपा, ध्रुवपट्टी एवं श्रीनगर होते हुए घैलाढ़ जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर छात्र नेता सह युवा समाजसेवी आनंद शंकर ने आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि यह सड़क लंबे समय से जर्जर अवस्था में है और थोड़ी-सी बारिश होने पर ही सड़क पर गंभीर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
सड़क की खराब स्थिति के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, मरीजों और राहगीरों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढे और जलजमाव के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
आनंद शंकर ने कहा कि सबसे गंभीर स्थिति आपातकालीन मरीजों के लिए है। जर्जर सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है, जिससे उनकी जान पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं, वाहनों के गुजरने के दौरान सड़क पर पड़ी गिट्टी और पत्थर उछलने से पैदल राहगीरों के घायल होने की आशंका भी बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि इस मार्ग से प्रखंड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ अधिकारी, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, बीडीओ, जिलाधिकारी, विधायक और सांसद सहित तमाम जिम्मेदार लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति पर अब तक अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है।
आनंद शंकर ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जनहित में सड़क का तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए। इसके बाद शीघ्र सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण, आवश्यकता के अनुसार चौड़ीकरण और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़क निर्माण कार्य पूरा करने की समय-सीमा भी सार्वजनिक करने की मांग की है।
RTI के जरिए मांगी जाएगी जानकारी
आनंद शंकर ने कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर सड़क की समस्या के समाधान के लिए उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत संबंधित विभाग से जानकारी मांगेंगे। इसमें सड़क निर्माण या मरम्मत के लिए स्वीकृत बजट, कार्यादेश, संबंधित ठेकेदार का नाम एवं अनुबंध का विवरण, कार्य की वर्तमान स्थिति और निर्धारित समय-सीमा तथा सड़क के रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारी का नाम एवं पद जैसी जानकारियां शामिल होंगी।
उन्होंने विधायक चंद्रशेखर यादव और जिलाधिकारी से जनहित को ध्यान में रखते हुए मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर सड़क की समस्या का प्रभावी समाधान कराने की मांग की है।
आनंद शंकर ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो ग्रामीणों के हित और अधिकार के लिए चरणबद्ध तरीके से लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।