मधेपुरा में आधार-पैन से बड़ा साइबर फर्जीवाड़ा, CSP केंद्र से खुले फर्जी खाते; मुंबई, दिल्ली और यूपी से नोटिस मिलने पर मचा हड़कंप
मधेपुरा: जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड के उदा चौक स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) से जुड़े कथित साइबर फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि आधार कार्ड, पैन कार्ड और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर लोगों की जानकारी के बिना विभिन्न बैंकों में फर्जी खाते खोले गए और उन्हीं खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों के घर मुंबई, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के साइबर थानों से पूछताछ के नोटिस पहुंचने लगे। शिकायत मिलने के बाद मधेपुरा साइबर थाना पुलिस ने संबंधित CSP केंद्र को सील कर दिया है, जबकि संचालक फरार बताया जा रहा है।
नोटिस पहुंचते ही खुला फर्जीवाड़े का राज
ग्रामीणों के अनुसार अचानक डाक के जरिए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के भोपा थाना, लखनऊ के जानकीपुरम, मुंबई के वडाला बीपीटी कॉलोनी और दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 साइबर पुलिस स्टेशन से समन और पूछताछ के नोटिस आने लगे। जिन लोगों को नोटिस मिला, उनका कहना है कि उन्होंने उन बैंकों में कभी कोई खाता ही नहीं खुलवाया था। जांच में आशंका जताई जा रही है कि उनके नाम पर खोले गए खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया।
आधार-पैन और अंगूठे का ऐसे हुआ दुरुपयोग
प्रारंभिक जांच के अनुसार उदा चौक स्थित एक मोबाइल दुकान पर नया सिम लेने आने वाले लोगों से आधार और पैन कार्ड लिया जाता था। इसी तरह CSP केंद्र पर आने वाले ग्राहकों से भी दस्तावेज और बायोमेट्रिक लिया जाता था। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर एनएसडीएल पेमेंट्स बैंक समेत कई अन्य बैंकों में ऑनलाइन खाते खोल दिए गए। कई लोगों से दो-दो बार अंगूठा लगवाकर बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की गई। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध एटीएम कार्ड और सिम कार्ड मिलने की भी चर्चा है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है।
मजदूर के नाम पर खुला फर्जी खाता, मुंबई से पहुंचा नोटिस
नेमुआ वार्ड-8 की रहने वाली लीला देवी ने बताया कि उनका बेटा गुड्डू कुमार मजदूरी कर परिवार चलाता है और उसका केवल एसबीआई में एक खाता है। उनका आरोप है कि CSP संचालक ने आधार लेकर दो बार अंगूठा लगवाया और बिना जानकारी के दूसरा खाता खोल दिया। बाद में गुड्डू के नाम मुंबई के वडाला साइबर थाने से नोटिस पहुंच गया, जिससे पूरा परिवार परेशान है।
दिल्ली तक जाना पड़ा पीड़िता को
बिषहरिया की रहने वाली विमला देवी ने बताया कि उन्हें दिल्ली के रोहिणी साइबर थाने से नोटिस मिला था, जिसके बाद 12 सितंबर को उन्हें दिल्ली जाकर पेश होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा इस मामले में चुप रहने के लिए लगातार धमकी भी दी जा रही है।
CSP केंद्र सील, संचालक फरार
शिकायत दर्ज होने के बाद मधेपुरा साइबर थाना पुलिस ने उदा चौक स्थित CSP केंद्र को सील कर वहां सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। पुलिस की कार्रवाई से पहले ही केंद्र का संचालक फरार हो गया। उसके घर समेत अन्य संभावित ठिकानों पर नोटिस चस्पा कर दी गई है और लगातार छापेमारी की जा रही है।
अंतरराज्यीय गिरोह की जांच में जुटीं कई एजेंसियां
पुलिस के अनुसार अब तक इलाके के एक दर्जन से अधिक लोगों को दूसरे राज्यों के साइबर थानों से नोटिस मिल चुके हैं। इस मामले की जांच में बिहार पुलिस के साथ मुंबई और उत्तर प्रदेश क्राइम ब्रांच की टीमें भी जुट गई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फर्जी खातों के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
पुलिस की अपील
मधेपुरा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी CSP केंद्र, मोबाइल दुकान या अन्य स्थान पर आधार, पैन कार्ड और बायोमेट्रिक जानकारी साझा करते समय पूरी सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सके।
रिपोर्ट: पप्पू मेहता, कोशी लाइव