समस्तीपुर सदर अस्पताल में महिला सिपाही की मौत, 3 डॉक्टरों से 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण
समस्तीपुर सदर अस्पताल के आईसीयू में इलाज के अभाव में महिला सिपाही मालती कुमारी की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने आईसीयू के नोडल पदाधिकारी समेत तीन डॉक्टरों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
जिन डॉक्टरों से जवाब मांगा गया है, उनमें इमरजेंसी में तैनात डॉ. संतोष कुमार, आईसीयू नोडल पदाधिकारी डॉ. सत्येंद्र कुमार और डॉ. एआर श्रीवास्तव शामिल हैं। जवाब मिलने के बाद मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल लाई गई थीं
गुरुवार रात करीब 3 बजे पुलिस लाइन में तैनात महिला सिपाही मालती कुमारी को पेट दर्द की शिकायत हुई। सहकर्मी उन्हें सदर अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद सांस लेने में परेशानी के कारण उन्हें आईसीयू रेफर किया गया।
पुलिसकर्मियों का आरोप है कि आईसीयू तक ले जाने के लिए तत्काल कोई अस्पताल कर्मी उपलब्ध नहीं था। सहकर्मी सिपाही ही उन्हें आईसीयू तक लेकर गई। आरोप यह भी है कि आईसीयू में उस समय कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था और तत्काल इलाज शुरू नहीं हो सका। बाद में डॉक्टर के पहुंचने तक महिला सिपाही की मौत हो गई।
पुलिसकर्मियों ने किया हंगामा
महिला सिपाही की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी सदर अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। एसपी अरविंद प्रताप सिंह भी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों के साथ बैठक कर स्थिति को संभाला।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस लाइन में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने श्रद्धांजलि दी और महिला सिपाही को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव रोहतास भेजा गया।
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं
महिला सिपाही की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। डॉक्टरों के बीच हार्टअटैक की संभावना की चर्चा है, क्योंकि हार्टअटैक में पेट दर्द की शिकायत भी हो सकती है। बताया गया है कि उनका ब्लड शुगर भी काफी बढ़ा हुआ था।
हालांकि, मौत का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार के अनुसार, तीनों डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद सिविल सर्जन स्तर से जांच कमेटी गठित की जाएगी। जांच में जो भी डॉक्टर दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।