पूर्णिया में जिंदा बेटी का किया श्राद्ध: प्रेम विवाह से नाराज पिता ने पुतला जलाकर किया अंतिम संस्कार, मुंडन-पिंडदान के बाद ग्रामीणों को कराया ब्रह्मभोज
पूर्णिया। केनगर प्रखंड की गंगेली पंचायत स्थित चपय गांव में प्रेम विवाह को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का श्राद्ध संस्कार कर दिया। आरोप है कि बेटी के अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज पिता ने पहले उसका पुतला बनाकर अंतिम संस्कार किया और बाद में पंडितों को बुलाकर विधि-विधान से मुंडन, पिंडदान और श्राद्ध कर्म कराया। इसके बाद ग्रामीणों के लिए ब्रह्मभोज का भी आयोजन किया गया।
पड़ोसी युवक से चल रहा था प्रेम प्रसंग
जानकारी के अनुसार, चपय गांव निवासी मनोज गोस्वामी की बेटी रिया का पड़ोस में रहने वाले मिलन के साथ करीब एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के घरों के बीच लगभग 150 मीटर की दूरी है। बताया गया कि दोनों परिवारों के बीच पहले से ही आना-जाना था। हालांकि, दोनों अलग-अलग जातियों से होने के कारण परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे।
परिवार की असहमति के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। बताया गया कि 8 सितंबर को दोनों घर से चले गए, जिसके बाद लड़की के पिता ने मरंगा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस ने दोनों को बरामद कर कोर्ट में पेश किया
पुलिस ने 12 सितंबर को दोनों को बरामद कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। कोर्ट में युवती का धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, युवती ने खुद को बालिग बताते हुए अपनी इच्छा से मिलन के साथ जीवन बिताने की बात कही।
बेटी के फैसले से नाराज पिता ने कराया अंतिम संस्कार
अदालत में बेटी के बयान के बाद पिता और परिवार के लोग कथित तौर पर काफी नाराज हो गए। इसके बाद परिवार ने बेटी से संबंध खत्म करने का फैसला लिया।
15 सितंबर को बेटी का पुतला बनाया गया। उसकी तस्वीर लेकर शव यात्रा निकाली गई और गांव के श्मशान घाट पर पुतले का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद परिवार ने जीवित बेटी को मृत मानते हुए श्राद्ध कर्म कराने की तैयारी शुरू कर दी।
पंडितों की मौजूदगी में मुंडन और पिंडदान
17 सितंबर को श्राद्ध संस्कार कराया गया। इसके लिए पुरोहितों को बुलाया गया। वेदी बनाकर मंत्रोच्चार के बीच पिता मनोज गोस्वामी सहित परिवार के सदस्यों ने नख-बाल कटवाकर मुंडन कराया।
इसके बाद गंगाजल, तिल, कुश और जौ आदि के साथ बेटी के नाम पर पिंडदान की रस्म निभाई गई। परिवार ने इसे बाकायदा श्राद्ध संस्कार के रूप में संपन्न कराया।
रिश्तेदारों को बुलाया, ग्रामीणों को कराया ब्रह्मभोज
परिवार ने इस आयोजन को निजी रस्म तक सीमित नहीं रखा। रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों को निमंत्रण दिया गया। श्राद्ध कर्म पूरा होने के बाद गांव के लोगों को भी बुलाकर पारंपरिक ब्रह्मभोज कराया गया।
जीवित बेटी के नाम पर इस तरह श्राद्ध और भोज कराए जाने की घटना गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है।
लड़के के परिवार ने रिश्ते को दी मान्यता
उधर, मिलन के बड़े पिता प्रकाश पासवान के अनुसार, दोनों बालिग हैं और उन्होंने कानूनी रूप से विवाह किया है। उनके मुताबिक लड़के के परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया है।
बताया गया कि लड़की पक्ष के गुस्से और तनाव को देखते हुए मिलन ने रिया को फिलहाल किसी दूर के रिश्तेदार के यहां सुरक्षित रखा है।
कोशी लाइव की रिपोर्ट
पूर्णिया, बिहार