किशनगंज में अमेरिकी युवती को सीमा पर रोका, एसएसबी की कार्रवाई पर उठे सवाल
किशनगंज में भारत-नेपाल सीमा पर अमेरिकी युवती को रोके जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार दोपहर रीति माया कार्की अपने नेपाली मंगेतर के साथ दिघलबैंक बाजार में शादी की खरीदारी के लिए भारत आना चाहती थीं। सीमा के पिलर संख्या 130 के पास एसएसबी जवानों ने उन्हें रोक लिया।
युवती ने अपना अमेरिकी पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज दिखाते हुए बाजार जाने की अनुमति मांगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके पास भारत का वीजा नहीं था। ऐसे में उन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती थी।
बताया गया कि एसएसबी जवान युवती और उनके मंगेतर को पूछताछ के लिए कैंप ले गए। इसके बाद मामले की जानकारी मिलने पर दोनों को दिघलबैंक पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने भी उनके दस्तावेजों और सामान की जांच की।
एसपी ने बताया- दस्तावेज सही थे
किशनगंज के एसपी संतोष कुमार के अनुसार, युवती नेपाल में 90 दिनों के वैध टूरिस्ट वीजा पर थीं और केवल खरीदारी के लिए भारत आना चाहती थीं। उनके दस्तावेज सही पाए गए। जांच के बाद दोनों को सम्मानपूर्वक नेपाल एपीएफ के हवाले कर दिया गया।
वहीं, एसएसबी के द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट पवन कुमार ने जवान का पक्ष रखते हुए कहा कि अमेरिकी युवती भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद पकड़ी गई थीं। पूछताछ के बाद उन्हें दिघलबैंक पुलिस को सौंपा गया।
कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
मामले के बाद सीमा क्षेत्र में एसएसबी की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, युवती के भारतीय वीजा के बिना सीमा पार करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन उन्हें किस परिस्थिति में कैंप ले जाया गया और कितनी देर पूछताछ की गई, इसे लेकर संबंधित अधिकारियों के बयानों में अंतर सामने आ रहा है।
फिलहाल महिला और उनके मंगेतर को नेपाल वापस भेज दिया गया है। मामले में किसी आपत्तिजनक सामान या दस्तावेज के मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है।