सुपौल में कोसी का जलस्तर बढ़ा, 34 गेट खुले; 2.54 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज, 3.30 लाख तक पहुंचने का अनुमान
सुपौल | KOSI LIVE
कोसी नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए सुपौल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शुक्रवार को कोसी बराज और तटबंधों का निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने नेपाल और भारतीय अधिकारियों एवं अभियंताओं के साथ कोसी बराज पर महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान कोसी बराज के 34 गेट खोले गए हैं।
बैठक में सुपौल एसपी शरथ आरएस, जल संसाधन विभाग के अभियंता और नेपाल एपीएफ के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कोसी नदी के जलस्तर, बराज से पानी के डिस्चार्ज और तटबंधों की स्थिति को लेकर विस्तृत चर्चा की।
डीएम ने बताया कि फिलहाल कोसी नदी में करीब 2.54 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। यह इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक जलस्तर बताया जा रहा है। पटना स्थित मैथमैटिकल मॉडलिंग सेंटर के 24 घंटे के पूर्वानुमान के अनुसार कोसी नदी में पानी का अधिकतम डिस्चार्ज करीब 3.30 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना है।
फिलहाल तटबंधों पर नहीं है कोई दबाव
जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि वर्तमान में पानी का बहाव सामान्य है और तटबंधों पर कहीं भी किसी तरह का दबाव नहीं है। प्रशासन शाम तक पानी के ट्रेंड पर लगातार नजर रखेगा।
उन्होंने कहा कि यदि पानी का स्तर लगातार बढ़ता है और 3.10 लाख से 3.30 लाख क्यूसेक या उससे अधिक के स्तर तक पहुंचने जैसी स्थिति बनती है, तो जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर अलर्ट जारी करेगा।
जरूरत पड़ने पर लोगों को बाहर निकलने की एडवाइजरी
डीएम ने कहा कि परिस्थितियों के अनुसार तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की एडवाइजरी जारी की जा सकती है। प्रशासन की प्राथमिकता संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
डीएम ने मीडिया से भी अपील की कि जिला प्रशासन अथवा मुख्य अभियंता की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही खबर प्रसारित करें। उन्होंने कहा कि अफवाहों से लोगों में अनावश्यक भय पैदा हो सकता है। फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
संवेदनशील बिंदुओं पर 24 घंटे निगरानी
डीएम ने बताया कि तटबंध के सभी संवेदनशील बिंदुओं पर अभियंताओं की 24 घंटे तैनाती की गई है। जिला प्रशासन की टीमें भी लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं।
संभावित आपात स्थिति को देखते हुए सैंड रिजर्व, सैंडबैग, जेसीबी और पोकलेन मशीनों की व्यवस्था की गई है। स्परों पर भी आवश्यक मात्रा में बालू उपलब्ध कराने की तैयारी है। बिजली की व्यवस्था और रात्रि गश्ती के लिए भी टीमों को तैनात किया गया है।
बाढ़ राहत शिविर और कम्युनिटी किचन की तैयारी
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो प्रशासन तत्काल बाढ़ राहत शिविर शुरू करेगा। जरूरत पड़ने पर कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की जाएगी और तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकालने की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
फिलहाल जिला प्रशासन कोसी नदी के जलस्तर, बराज से पानी के डिस्चार्ज और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।