पूर्णिया में खाद की बड़ी खेप जब्त, 500-600 बोरा डीएपी लदा ट्रक पकड़ा; दस्तावेज नहीं मिलने पर कार्रवाई
पूर्णिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत उचितपुर स्थित मुख्तार खाद-बीज भंडार में कृषि विभाग की टीम ने शुक्रवार को गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। इस दौरान दुकान के सामने खड़े डीएपी खाद लदे एक ट्रक को जब्त किया गया। ट्रक में करीब 500 से 600 बोरा डीएपी खाद लदी थी। जब्त खाद की कीमत करीब 8 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी बेबी कुमारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान खाद से संबंधित आवश्यक कागजात मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद विभागीय टीम ने ट्रक और खाद को जब्त कर लिया।
गुप्त सूचना पर पहुंची कृषि विभाग की टीम
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि उचितपुर स्थित खाद-बीज भंडार में बिना आवश्यक दस्तावेज के डीएपी खाद की बड़ी खेप पहुंची है। सूचना के बाद वरीय अधिकारियों को जानकारी दी गई और टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
शुक्रवार को टीम मौके पर पहुंची तो खाद से लदा ट्रक दुकान के सामने खड़ा था और उसमें से डीएपी की बोरियां उतारी जा रही थीं।
500 से 600 बोरा डीएपी होने की जानकारी
जांच के दौरान ट्रक में करीब 500 से 600 बोरा डीएपी खाद होने की बात सामने आई। अधिकारियों ने खाद की खरीद, आपूर्ति, परिवहन और भंडारण से संबंधित कागजात मांगे, लेकिन मौके पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
इसके बाद कृषि विभाग ने ट्रक समेत खाद को जब्त कर लिया। विभाग के अनुसार जब्त खाद की कीमत करीब आठ लाख रुपये से अधिक है।
खाद रानीपतरा फार्मर सेंटर में सुरक्षित
कार्रवाई के बाद ट्रक को मुफस्सिल थाना परिसर में रखा गया है। वहीं ट्रक से डीएपी खाद को उतरवाकर रानीपतरा स्थित फार्मर सेंटर में सुरक्षित रखवाया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में मुफस्सिल थाना पुलिस ने कृषि विभाग की टीम को सहयोग किया।
खाद की आपूर्ति और परिवहन के दस्तावेजों की जांच
अब कृषि विभाग जब्त खाद से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। इसमें खाद की उपलब्धता, खरीद, भंडारण, परिवहन और आपूर्ति से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है।
विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में डीएपी खाद कहां से लाई गई थी और इसे उचितपुर स्थित खाद-बीज भंडार तक किस प्रक्रिया के तहत पहुंचाया गया।
कालाबाजारी की आशंका पर भी जांच
बिना आवश्यक दस्तावेज के डीएपी खाद की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद कालाबाजारी की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी कालाबाजारी की पुष्टि नहीं हुई है। इसकी वास्तविक स्थिति विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कृषि विभाग का कहना है कि दस्तावेजों और आपूर्ति प्रक्रिया की जांच के बाद यदि किसी तरह का नियम उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।