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मनरेगा कार्य में JCB से पोखर खुदाई का आरोप, सुपौल में जांच शुरू
सुपौल: प्रखंड की में के तहत हो रहे पोखर निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। पंचायत के वार्ड संख्या 6 और 9 में ग्रामीणों ने मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन से खुदाई कराए जाने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन यहां दर्जनों मजदूर काम के इंतजार में बैठे हैं, जबकि दूसरी ओर मशीनों से तेजी से खुदाई कराई जा रही है।
रात में भी चल रही जेसीबी मशीनें
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों वार्डों में अलग-अलग पोखरों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन कार्यस्थल पर योजना से संबंधित सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन के साथ-साथ रात में भी जेसीबी मशीनों से काम कराया जा रहा है।
लोगों ने आशंका जताई है कि मजदूरों को काम दिए बिना उनके जॉब कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा सकती है। साथ ही मजदूरी मद से भुगतान निकासी की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जेई को सौंपी गई जांच
पंचायत रोजगार सेवक ने बताया कि वह फिलहाल में हैं और जानकारी लेकर मुखिया से पूछताछ करेंगे।
वहीं मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पंचायत तकनीकी सहायक और संबंधित लोगों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही जूनियर इंजीनियर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पीओ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि जेसीबी से हो रही खुदाई मनरेगा योजना का हिस्सा है या निजी जमीन पर मिट्टी कटाई का मामला। जांच रिपोर्ट आने के बाद वास्तविक स्थिति साफ होगी। यदि मनरेगा कार्य में अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और मजदूरों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की है।