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सुपौल में गरीब परिवारों को मिलेगा मुफ्त सोलर प्लांट, हर महीने बनेगी 125 यूनिट बिजली
सुपौल: जिले के हजारों गरीब परिवारों को जल्द ही प्रधानमंत्री का लाभ मिलने जा रहा है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों के घरों की छतों पर निःशुल्क सोलर प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे हर महीने करीब 125 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा।
ने राज्य के 2.5 लाख कुटीर ज्योति श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। ने स्थित विद्युत भवन से 1,512 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का शुभारंभ किया। इसके साथ ऊर्जा क्षेत्र की 1,278 करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों के बिजली खर्च को कम करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना है। इसके तहत कुटीर ज्योति श्रेणी के लाभार्थियों के घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल पूरी तरह मुफ्त लगाया जाएगा।
पहले चरण में 7,154 परिवार चयनित
जिले के सभी 11 प्रखंडों की 55 पंचायतों से पहले चरण में कुल 7,154 बीपीएल परिवारों का चयन किया गया है। जीविका दीदियों की मदद से लाभार्थियों का सर्वे कराया गया और सभी चयनित परिवारों से सहमति पत्र भी ले लिया गया है।
इन घरों पर लगाए जाने वाले सौर संयंत्र से हर महीने लगभग 125 यूनिट बिजली बनेगी, जिससे बिजली बिल में भारी कमी आएगी और परिवार ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
10 साल तक कंपनी करेगी रखरखाव
योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी को सौंपी गई है। कंपनी सोलर पैनलों की आपूर्ति, स्थापना और अगले 10 वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी। जिले में योजना की शुरुआत से की गई है।
प्रत्येक सोलर संयंत्र की अनुमानित लागत करीब 60 हजार रुपये है। इसमें केंद्र सरकार 33 हजार रुपये और बिहार सरकार 10 हजार रुपये का अनुदान देगी, जबकि शेष 17 हजार रुपये चयनित एजेंसी वहन करेगी। लाभार्थियों को किसी प्रकार का भुगतान नहीं करना होगा।
हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों के अनुसार यह योजना न केवल गरीब परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराएगी, बल्कि हरित ऊर्जा के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।