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Monday, June 15, 2026

MADHEPURA:“रात में रुक जाते तो बच जाती जान” — बेगूसराय हादसे पर थानाध्यक्ष नीरज कुमार की पत्नी ने उठाए गंभीर सवाल

 
मधेपुरा/बेगूसराय: नीरज कुमार की पत्नी कोमल देवी ने साहेबपुर कमाल सड़क हादसे के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर ड्राइवर को पर्याप्त आराम मिला होता या अधिकारियों पर रात में लौटने का दबाव नहीं होता, तो शायद आज उनके पति और उनके साथी जीवित होते।
कोमल देवी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि 11 मई को पटना में ट्रेनिंग थी, जिसकी सूचना 10 मई की रात करीब 9 बजे दी गई। दिनभर की थकान के बाद उनके पति महज 2–3 घंटे आराम कर पाए और सुबह 3 बजे पटना के लिए निकल गए। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद भी उन्हें तुरंत वापस लौटना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यदि ट्रेनिंग के बाद लौटने का दबाव नहीं होता, तो यह हादसा टल सकता था। सड़क हादसे के बाद निजी चालक ज्योतिष कुमार की कार्यस्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उदाकिशुनगंज निवासी चालक की मां ने भी बताया कि दुर्घटना से पहले उसे पर्याप्त आराम नहीं मिला था और पटना रवाना होने से पहले भी वह लगातार ड्यूटी पर था।
कोमल देवी के अनुसार, उनके पति नीरज कुमार के साथ ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, साजन कुमार पासवान और वरुण कुमार भी सीसीटीएनएस प्रशिक्षण में शामिल होने पटना गए थे।
उन्होंने दावा किया कि वरुण कुमार ने रात में वहीं रुकने की सलाह दी थी, लेकिन नीरज कुमार ने कहा कि वे नए थानाध्यक्ष हैं और सुबह थाने की व्यवस्था संभालनी है, इसलिए लौटना जरूरी है।
इस हादसे के बाद पुलिस महकमे में भी कई चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई पुलिसकर्मियों का मानना है कि बढ़ती जवाबदेही और अनुशासन के दबाव में अधिकारी अतिरिक्त मानसिक तनाव महसूस कर रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से इन चर्चाओं पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
तीन थानाध्यक्षों की एक साथ मौत ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर दिया है और अब यह मामला विभागीय कार्यसंस्कृति पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।