किशनगंज में 4.70 करोड़ की स्मैक बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
कार के बोनट में बने गुप्त बॉक्स से मिली 2.357 किलो हेरोइन, मालदा से मधेपुरा ले जाई जा रही थी खेप
किशनगंज पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 2.357 किलोग्राम स्मैक/हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 70 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की गई एक किआ सोनेट कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि मादक पदार्थ तस्करों का एक गिरोह कोचाधामन थाना क्षेत्र से भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप लेकर गुजरने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी विशेष टीम
सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 खुसरू सिराज के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम को संभावित रूट पर सतर्क निगरानी रखने और संदिग्ध वाहनों की जांच का निर्देश दिया गया।
रहमतपाड़ा के पास चला वाहन जांच अभियान
गठित टीम ने 23 जून को कोचाधामन थाना क्षेत्र के रहमतपाड़ा के पास विशेष वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान मस्तान चौक की ओर से आ रही एक संदिग्ध कार पुलिस को देखकर अचानक मुड़कर भागने लगी। वाहन की हरकत से शक गहराया तो पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर कार को रोक लिया।
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वाहन की सघन तलाशी ली गई। जांच के दौरान कार के बोनट के अंदर विशेष रूप से बनाए गए एक गुप्त बॉक्स से 2.357 किलोग्राम स्मैक/हेरोइन बरामद हुई। बरामदगी के बाद मौके से मधेपुरा निवासी रजनीश कुमार (26 वर्ष) और सुशांत कुमार (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया।
मालदा से मधेपुरा पहुंचाई जा रही थी खेप
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने कई अहम खुलासे किए। दोनों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित सिंडिकेट के तहत मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी का काम करते हैं। प्रारंभिक जांच में पश्चिम बंगाल के मालदा और मधेपुरा के कई अन्य तस्करों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार बरामद नशीली खेप पश्चिम बंगाल के मालदा से मधेपुरा ले जाई जा रही थी। आशंका है कि यह खेप बिहार के विभिन्न जिलों में सप्लाई की जानी थी।
सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
किशनगंज पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है। गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही बरामद मादक पदार्थ के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की भी गहन जांच शुरू कर दी गई है।
तकनीकी अनुसंधान के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि तस्करी का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।