Kosi Live-कोशी लाइव SAHARSA:भाई की तेरहवीं पर रौशन आनंद बोले- फैजल खान ने मेरे भाई को मरवाया, मुझे झूठे केस में जेल भेजा गया - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Wednesday, June 24, 2026

SAHARSA:भाई की तेरहवीं पर रौशन आनंद बोले- फैजल खान ने मेरे भाई को मरवाया, मुझे झूठे केस में जेल भेजा गया

खान सर-रौशन आनंद विवाद: भाई की मौत को लेकर रौशन आनंद का बड़ा आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

हेडलाइंस

  • रौशन आनंद ने भाई की मौत को बताया संदिग्ध
  • खान सर और आर.एस. प्रसाद पर लगाए गंभीर आरोप
  • FIR दर्ज नहीं होने पर पुलिस पर उठाए सवाल
  • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज

सहरसा से बड़ी खबर

ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद ने एक बार फिर खान सर के साथ चल रहे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को वह अपने छोटे भाई प्रिंस यादव की तेरहवीं में शामिल होने सहरसा पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा गया।

रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और इस मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

भाई की मौत पर उठाए गंभीर सवाल

रौशन आनंद का दावा है कि उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। उन्होंने कहा कि अब तक नेपाल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई की मौत के पीछे बड़ी साजिश हो सकती है। रौशन आनंद ने कहा कि दुनिया कुछ भी माने, लेकिन उनका मानना है कि उनके भाई की मौत के लिए फैजल खान उर्फ खान सर और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आर.एस. प्रसाद जिम्मेदार हैं।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

‘मीडिया ट्रायल के जरिए दर्ज हुई FIR’

रौशन आनंद ने कहा कि उनके और उनके भाई के खिलाफ गलत तरीके से FIR दर्ज कराई गई। उनका आरोप है कि मीडिया में बयानबाजी के बाद पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई की।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद उनका भाई मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था। वहीं उन्हें भी जमानत मिलने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

‘मेरी शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं?’

रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने भाई की मौत को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश की, तो पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनके खिलाफ कुछ घंटों में कार्रवाई हो सकती है, तो उनकी शिकायत पर समान गंभीरता से कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

रौशन आनंद ने 2 जून की रात कोचिंग संस्थान पर हमले के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस ने उनके खिलाफ बेहद तेज़ी से कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि कुछ ही घंटों में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई एकतरफा रही और उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

मेडिकल जांच पर भी लगाए आरोप

गिरफ्तारी के दौरान मेडिकल जांच प्रक्रिया पर भी रौशन आनंद ने सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि उनका ब्लड प्रेशर काफी अधिक था, इसके बावजूद बिना समुचित मेडिकल जांच के उन्हें फिट घोषित कर जेल भेज दिया गया।

उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

निष्पक्ष जांच की अपील

रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई की मौत और उनसे जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि सच सामने आना जरूरी है ताकि सभी सवालों के जवाब मिल सकें।

फिलहाल, पुलिस प्रशासन या खान सर की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।