प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही इंजन से धुआं निकलता दिखाई दिया, यात्रियों में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका गहरा गई। कई मुसाफिर अपनी जान की सलामती को लेकर घबरा गए और ट्रेन पूरी तरह रुकने से पहले ही नीचे कूदने लगे। देखते ही देखते एक बोगी लगभग खाली हो गई और लोग जल्द से जल्द ट्रेन से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लोको पायलट ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन को दिदरगंज हॉल्ट के समीप रोक दिया। ट्रेन रुकते ही यात्री तेजी से नीचे उतरने लगे। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के चेहरे पर दहशत साफ नजर आ रही थी। धुएं के कारण कुछ देर के लिए पूरे इलाके में तनाव और बेचैनी का माहौल बन गया।
करीब आधे घंटे तक ट्रेन दिदरगंज हॉल्ट पर खड़ी रही। इस दौरान रेलवे कर्मियों और तकनीकी टीम ने इंजन की जांच की और धुआं निकलने के कारणों का पता लगाने में जुट गई। जांच के बाद स्थिति सामान्य होने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन अचानक हुए इस घटनाक्रम ने यात्रियों को झकझोर कर रख दिया। रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इंजन से धुआं निकलने की वजह का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल यात्रियों की सलामती को सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है।