कटिहार। सोशल मीडिया पर वायरल होने और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की चाह में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का इस्तेमाल कर एके-47 राइफल के साथ वीडियो बनाना दो युवकों को महंगा पड़ गया। कटिहार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो के मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें एक युवक के सीने पर अत्याधुनिक एके-47 राइफल दिखाई दे रही थी। सीमांचल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला आईजी के संज्ञान में पहुंचने के बाद कटिहार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच शुरू की गई।
एसडीपीओ-2 के नेतृत्व में बनी एसआईटी
वीडियो की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ-2 सुनील कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। साइबर सेल और तकनीकी टीम ने वीडियो की जांच करते हुए डिजिटल साक्ष्य और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
जांच के दौरान कोढ़ा थाना क्षेत्र के दक्षिणी सिमरिया पंचायत स्थित कर्मा टोला में छापेमारी की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर वीडियो में दिख रहे युवक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कर्मा टोला निवासी इरफान और मनव्वर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए उन्होंने एआई टूल का इस्तेमाल किया था। उन्होंने अपनी सामान्य फोटो और वीडियो में डिजिटल तकनीक के जरिए एके-47 राइफल जोड़कर वीडियो तैयार किया था।
पुलिस जांच में स्पष्ट हो गया कि वीडियो में दिखाई गई राइफल असली नहीं थी, बल्कि एआई तकनीक से तैयार की गई थी। इसके बावजूद वीडियो से लोगों में भ्रम और दहशत फैलने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की।
दर्ज हुआ मामला, आगे की कार्रवाई जारी
कोढ़ा थाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कांड संख्या 180/26 के तहत आईटी एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, चाहे वह असली हो, नकली हो या एआई द्वारा निर्मित, कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है यदि उससे समाज में भ्रम या भय का माहौल उत्पन्न होता है।
पुलिस प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री पोस्ट न करें। साइबर सेल लगातार सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रख रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।