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Thursday, June 11, 2026

BIHAR:पूर्णिया विवि हॉस्टल से नशे की हालत में शोधार्थी सह छात्र नेता अंकुर यादव गिरफ्तार

Purnia University: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के दावों के बीच पूर्णिया के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के हॉस्टल से नशाखोरी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने बुधवार की देर रात पूर्णिया विश्वविद्यालय के हॉस्टल परिसर में अचानक दबिश दी. इस कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद विश्वविद्यालय के शोधार्थी छात्र सह चर्चित छात्र नेता संभव कुमार उर्फ अंकुर यादव को पूरी तरह शराब के नशे में धुत्त पाया गया. मद्यनिषेध कर्मियों द्वारा तुरंत कराए गए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में छात्र नेता के शरीर में अल्कोहल की मात्रा होने और शराब पीने की आधिकारिक पुष्टि हुई, जिसके बाद टीम ने उसे हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मद्यनिषेध थाने ले आई.


गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी; जनप्रतिनिधि के साथ वायरल फोटो और धमकी से जुड़ा है मामला

  • शिकायत और दबिश: उत्पाद विभाग को पिछले कुछ समय से पूर्णिया विवि के छात्रावासों में बाहरी तत्वों के जमावड़े, संदिग्ध गतिविधियों और शराब की महफिलें सजने की लगातार गुप्त शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर यह जाल बिछाया गया.
  • सोशल मीडिया पर धमकी का केस: इस गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले, पकड़े गए आरोपी अंकुर यादव पर विवि के ही एक अन्य छात्र नेता सौरभ कुमार को सोशल मीडिया के माध्यम से गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा था. पीड़ित छात्र नेता ने इस संबंध में स्थानीय थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है.
  • वायरल तस्वीर और सियासी रसूख: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी छात्र नेता अंकुर यादव की हाल ही में पूर्णिया के एक बेहद कद्दावर और बड़े जनप्रतिनिधि (नेताजी) के साथ क्लोज-अप तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं. इस सियासी रसूख के बाद से वह कैंपस में काफी मुखर और हावी हो गया था, जिससे वह कई पुराने छात्र गुटों और विरोधियों की आंखों की किरकिरी बना हुआ था. माना जा रहा है कि इसी आंतरिक गुटबाजी और सटीक इनपुट के बाद उत्पाद विभाग ने यह त्वरित रेड की.

“परिसर में छापेमारी की आधिकारिक जानकारी नहीं”: कुलानुशासक

प्रशासनिक अनभिज्ञता: इस संवेदनशील और बड़ी कार्रवाई को लेकर जब पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो विवि प्रबंधन ने घटना से अनभिज्ञता जताई.

पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलानुशासक (Proctor) प्रोफेसर यू. एन. सिंह ने इस मामले पर अपनी संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शैक्षणिक परिसर या उससे संबद्ध हॉस्टल में उत्पाद विभाग द्वारा की गई किसी भी प्रकार की छापेमारी या छात्र की गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना विवि प्रशासन को पहले से नहीं दी गई थी. वे इस पूरे मामले की अपने स्तर से और संबंधित वार्डन से विस्तृत रिपोर्ट मंगवा रहे हैं, जिसके बाद ही विवि स्तर पर कोई आधिकारिक बयान या अनुशासनात्मक कदम उठाया जाएगा.

“कानून के उल्लंघन पर की जा रही है सख्त जेल भेजने की तैयारी”: उत्पाद अधीक्षक

इस पूरे मामले के कानूनी और दंडात्मक पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए पूर्णिया के उत्पाद अधीक्षक दीनबंधु ने बताया कि नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली थी कि हॉस्टल के भीतर कुछ लोग शराब पीकर हंगामा कर रहे हैं और शांति व्यवस्था भंग कर रहे हैं. सूचना मिलते ही मद्यनिषेध इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक त्वरित कार्यबल (STF) का गठन कर मौके पर भेजा गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया.

उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है

उत्पाद अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत आरोपी अंकुर यादव के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है. ब्रेथ एनालाइजर की रिपोर्ट को कोर्ट के समक्ष साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अपराधी चाहे छात्र नेता हो या कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति, कानून के उल्लंघन पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, साथ ही हॉस्टल में शराब की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क का पता लगाने के लिए भी पूछताछ की जा रही है.