सीवान में शहजाद अली हत्याकांड: 5 आरोपी गिरफ्तार, लापरवाही बरतने वाले दारोगा सस्पेंड; दो होमगार्ड पर भी गिरी गाज
सीवान। जिले के चर्चित शहजाद अली हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद डायल-112 पर तैनात एक दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा दो होमगार्ड जवानों की सेवा समाप्त करने की अनुशंसा की गई है तथा बड़हरिया थानाध्यक्ष से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने बताया कि बड़हरिया थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी शहजाद अली की 30 मई को ग्रामीणों द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
वायरल वीडियो से खुली पुलिस की लापरवाही
घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। वीडियो में देखा गया कि शहजाद अली गंभीर रूप से घायल अवस्था में जमीन पर पड़ा तड़प रहा था, जबकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी कुर्सी पर बैठकर ग्रामीणों से बातचीत कर रहे थे। आरोप है कि पुलिस ने समय रहते घायल युवक को भीड़ के कब्जे से मुक्त नहीं कराया और न ही तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल जांच कराई, जिसमें पुलिसकर्मियों की लापरवाही की पुष्टि हुई।
दारोगा निलंबित, दो होमगार्ड की सेवा समाप्ति की अनुशंसा
एसपी पुरन कुमार झा ने बताया कि डायल-112 पर तैनात पुलिस अवर निरीक्षक संजीव कुमार को कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि सूचना मिलने के बावजूद उन्होंने शहजाद को भीड़ के चंगुल से निकालने और सुरक्षित अभिरक्षा में लेने की कोशिश नहीं की।
इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात गृहरक्षक नन्दजी यादव और मुक्तिनाथ के अनुबंध निरस्त करने की अनुशंसा की गई है। वहीं बड़हरिया थाना प्रभारी छोटन कुमार से भी इस मामले में जवाब-तलब किया गया है।
मोबाइल चोरी के आरोप में हुई थी पिटाई
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांव के एक व्यक्ति ने शहजाद पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया था। पहले उसे पूछताछ के लिए पुलिस के हवाले किया गया, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद अगले दिन फिर उसे घर से बुलाया गया और चोरी के आरोप को लेकर पूछताछ की गई।
जब शहजाद कोई जानकारी नहीं दे सका तो कुछ लोगों ने उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। ग्रामीणों को संदेह था कि मोबाइल चोरी में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। लगातार मारपीट के कारण शहजाद गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
कई बार घटनास्थल पहुंचे एसपी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वे स्वयं कई बार घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की निगरानी की। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
दहशत में है पीड़ित परिवार
ग्रामीणों के अनुसार, शहजाद के परिवार पर पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका है। कुछ वर्ष पहले उसके भाई की भी हत्या हुई थी। अब शहजाद की मौत के बाद परिवार पूरी तरह दहशत में है। परिजनों का कहना है कि वे भय के माहौल में जी रहे हैं और किसी अनहोनी की आशंका से शाम होते ही घरों में बंद हो जाते हैं।
राजनीतिक दलों ने किया प्रदर्शन
शहजाद अली की मौत के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भाकपा-माले समेत कई राजनीतिक संगठनों ने दोषियों की गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।