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Wednesday, June 3, 2026

बिहार को रेल मंत्रालय की बड़ी सौगात: 29 नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी, 21 साल बाद बिहारीगंज-बिहपुर रेल लाइन को मिली हरी झंडी

बिहार को रेल मंत्रालय की बड़ी सौगात: 29 नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी, 21 साल बाद बिहारीगंज-बिहपुर रेल लाइन को मिली हरी झंडी

मधेपुरा/पुरैनी। रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने बिहार के लिए बड़ी सौगात देते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 29 नई रेल लाइन परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इनमें लंबे समय से लंबित बिहारीगंज-बिहपुर नई रेल लाइन परियोजना को भी मंजूरी मिल गई है। करीब 21 वर्षों से इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के इंतजार में बैठे कोसी और अंग क्षेत्र के लोगों के लिए यह खबर किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।

परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। आम लोगों के साथ-साथ राजद कार्यकर्ताओं और पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के समर्थकों ने भी इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।

2004 में उठी थी रेल लाइन की मांग

जानकारी के अनुसार वर्ष 2004 में मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिहपुर से बिहारीगंज तक वाया पचरासी स्थल, लौआलगान, चौसा और पुरैनी होकर नई रेल लाइन निर्माण की मांग उठाई थी। उनके प्रयास से इस परियोजना को रेल बजट में शामिल कराया गया था।

इसके बाद तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी राज्यसभा में इस रेल परियोजना की घोषणा की थी। हालांकि उनके रेल मंत्रालय से हटने के बाद यह परियोजना वर्षों तक ठंडे बस्ते में चली गई और निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।

कोसी और अंग क्षेत्र को मिलेगा सीधा लाभ

नई रेल लाइन के निर्माण से कोसी और अंग क्षेत्र के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे मधेपुरा, बिहारीगंज, चौसा, पुरैनी, उदाकिशुनगंज और नवगछिया सहित कई इलाकों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ-साथ व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

राज्यसभा सांसद मनोज झा ने भी उठाई आवाज

राज्यसभा सांसद प्रोफेसर मनोज कुमार झा ने भी इस परियोजना को लेकर लगातार प्रयास किया। उनके द्वारा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे गए पत्र के आधार पर भागलपुर से मधेपुरा होते हुए भीमनगर नेपाल सीमा तक लगभग 175 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के सर्वेक्षण और जांच का निर्देश दिया गया है।

रेल मंत्रालय के इस कदम से भागलपुर से लेकर भीमनगर तक के लाखों लोगों में रेल संपर्क को लेकर नई उम्मीद जगी है।

विधानसभा उपाध्यक्ष ने भी की थी मांग

आलमनगर के विधायक एवं बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने भी इस दिशा में लगातार पहल की। उन्होंने 27 जून 2024 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र देकर बिहारीगंज-नवगछिया वाया उदाकिशुनगंज, पुरैनी और चौसा तथा बिहारीगंज-सिमरी बख्तियारपुर वाया उदाकिशुनगंज, आलमनगर और सोनवर्षा तक नई रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की थी।

क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस रेल परियोजना के शुरू होने से वर्षों से उपेक्षित कोसी क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

रेल मंत्रालय द्वारा बिहारीगंज-बिहपुर रेल लाइन को स्वीकृति दिए जाने के बाद अब लोगों की नजरें परियोजना के जल्द सर्वे, डीपीआर और निर्माण कार्य शुरू होने पर टिकी हैं।