सुपौल में ई-शिक्षा कोष पोर्टल घोटाला: बिहार से बाहर रहकर दर्ज की उपस्थिति, दो शिक्षक निलंबित; एक पर कार्रवाई की अनुशंसा
सुपौल जिले में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर संदिग्ध तरीके से उपस्थिति दर्ज करने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में बिहार से बाहर रहकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का मामला सामने आने के बाद दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक नियोजित शिक्षक के निलंबन की अनुशंसा संबंधित नियोजन इकाई से की गई है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बसंतपुर प्रखंड अंतर्गत वारंटपुर विद्यालय की शिक्षिका मोनिका मिश्रा ने 5 और 6 मई 2026 को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर “मार्क ऑन ड्यूटी” दर्ज किया था। विभागीय समीक्षा के दौरान उनकी भौगोलिक लोकेशन उत्तर प्रदेश के मझवारा क्षेत्र में पाई गई, जो संबंधित विद्यालय और प्रखंड मुख्यालय से लगभग 490 किलोमीटर दूर बताया गया है।
बिना अवकाश स्वीकृति के दर्ज की उपस्थिति
जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका ने सक्षम पदाधिकारी से किसी प्रकार की छुट्टी स्वीकृत नहीं कराई थी। इसके बावजूद उन्होंने बिहार से बाहर रहते हुए पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। विभाग ने इसे सेवा नियमों और सरकारी निर्देशों का गंभीर उल्लंघन माना है।
दो अन्य शिक्षकों पर भी कार्रवाई
मामले में विशिष्ट शिक्षक संजय कुमार और नियोजित शिक्षक फूलदेव कुमार का नाम भी सामने आया है। दोनों पर भी बिहार से बाहर रहकर ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का आरोप है।
डीपीओ स्थापना आलोक शेखर ने बताया कि नियोजित शिक्षक फूलदेव कुमार के निलंबन के लिए संबंधित प्रखंड नियोजन इकाई को अनुशंसा भेज दी गई है। वहीं अन्य दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई
शिक्षा विभाग के अनुसार कार्रवाई से पहले संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या फर्जीवाड़ा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।