बिहार के Muzaffarpur में शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने का मामला सामने आया है। पीड़िता एक महीने के बच्चे को गोद में लेकर न्याय की गुहार लगाने डीआईजी कार्यालय पहुंची। युवती का आरोप है कि प्रेमी ने पहले शादी का वादा किया, फिर बच्चा होने के बाद जाति का हवाला देकर निकाह से इनकार कर दिया।
दिल्ली ले जाकर साथ रखा
पीड़िता Hathauri थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसने बताया कि गांव के ही रहने वाले जावेद से उसका प्रेम संबंध था। दोनों के घर पास-पास होने के कारण नजदीकियां बढ़ीं।
युवती के अनुसार, साल 2024 में जावेद उसे अपने साथ दिल्ली ले गया। वहां शादी का झांसा देकर दोनों साथ रहने लगे। इस दौरान आरोपी ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद युवती गर्भवती हो गई।
प्रेग्नेंट होने पर घर भेज दिया
पीड़िता का कहना है कि जब वह पांच महीने की गर्भवती थी, तब जावेद ने उसे घर लौट जाने को कहा और भरोसा दिलाया कि बच्चे के जन्म के बाद शादी कर लेगा। दिसंबर 2025 में युवती अपने घर लौटी। बाद में उसने एक बच्चे को जन्म दिया।
‘तुम मेरी जाति की नहीं हो’
युवती का आरोप है कि जब जावेद गांव लौटा तो वह उससे मिलने पहुंची और शादी की बात की। इस पर आरोपी ने साफ कह दिया कि वह अलग जाति की है, इसलिए वह उससे शादी नहीं करेगा। साथ ही बच्चे को अपनाने से भी इनकार कर दिया।
पीड़िता ने बताया कि जब उसने समझाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे डांटकर घर से भगा दिया।
थाने से नहीं मिली मदद
युवती का कहना है कि उसने Hathauri Police Station में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद वह अपने एक महीने के बच्चे को लेकर डीआईजी कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई।
पीड़िता ने डीआईजी को आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और अपने बच्चे के अधिकार की मांग की है।