नालंदा में फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, वर्दी पहनकर चालान के नाम पर करता था वसूली
डेढ़ साल से चला रहा था ठगी का खेल, घर में बना रखा था नकली पुलिस ऑफिस
नालंदा जिले के लहेरी थाना पुलिस ने खाकी का रौब दिखाकर आम लोगों और वाहन चालकों से अवैध वसूली करने वाले एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर यातायात नियमों के उल्लंघन के नाम पर लोगों को डराता-धमकाता था और मोटी रकम की उगाही करता था। पुलिस ने उसके पास से पुलिस की वर्दी, जूते, कैप और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है।
टोटो चालक की शिकायत पर खुला मामला
लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि गुरुवार की शाम गश्ती के दौरान पुलिस टीम नाजो मॉल के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान एक टोटो चालक भागते हुए पुलिस टीम के पास पहुंचा और बताया कि एक युवक खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे बंधक बनाए हुए है।
टोटो चालक ने आरोप लगाया कि युवक उसे कभी बिहार थाना तो कभी लहेरी थाना क्षेत्र में घुमा रहा था और चालान काटने के नाम पर 25 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
पुलिस को देखते ही भागने लगा आरोपी
सूचना मिलते ही पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो संदिग्ध युवक पुलिस वाहन देखकर भागने लगा। हालांकि, गश्ती दल ने तत्परता दिखाते हुए उसे खदेड़कर पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां निवासी विपिन पासवान के रूप में हुई।
मोबाइल में मिली वर्दी वाली तस्वीरें
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन खंगाला तो उसमें पुलिस की वर्दी पहने उसकी कई तस्वीरें मिलीं। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की, जहां एक कमरे को कार्यालय की तरह सजाया गया था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से—
- दो से तीन सेट पुलिस वर्दी
- पुलिस कैप
- जूते
- अन्य पुलिसनुमा सामान
बरामद किए।
डेढ़-दो साल से कर रहा था फर्जीवाड़ा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले डेढ़-दो वर्षों से फर्जी पुलिसकर्मी बनकर बाइक और टोटो चालकों को डरा-धमकाकर वसूली कर रहा था। हालांकि, अब तक उसके खिलाफ कोई औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी और न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि उसने कुल कितनी रकम की ठगी की है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि उसने पुलिस की वर्दी और अन्य सामान कहां से प्राप्त किए।
कई पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में लहेरी थाना के एसआई सर्वेश कुमार, ऋतु रंजन और नीतीश रंजन समेत अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब आरोपी के अन्य संभावित शिकारों और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच में जुट गई है।