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Monday, May 18, 2026

BIHAR:नोट डबल करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, हेडमास्टर समेत 8 गिरफ्तार; पूर्व विधायक भी जांच के घेरे में

गोपालगंज में नोट डबल करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, हेडमास्टर समेत 8 गिरफ्तार; पूर्व विधायक भी जांच के घेरे में
गोपालगंज जिले में नोट डबल करने के नाम पर चल रहे एक हाई-प्रोफाइल अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सिंहासनी गांव में एसआईटी की छापेमारी के दौरान 95.27 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, केमिकल और कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। मामले में हेडमास्टर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि कई सफेदपोश आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैला हुआ था। मामले में जिला पार्षद, राजद और जदयू नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। एक पूर्व विधायक भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं।
आधी रात को सिंहासनी गांव में SIT की बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, 14 मई की रात बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सिंहासनी गांव में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नोट डबल करने के नाम पर बड़ी रकम की डील होने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने गांव में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 95 लाख 27 हजार रुपये नकद, गोदरेज कंपनी की नोट गिनने वाली मशीन, 25 लीटर रंगीन रासायनिक द्रव, 3 लीटर उजला केमिकल और असली नोट के आकार में कटे सफेद एवं काले रंग के कागज के बंडल बरामद किए। इसके अलावा एक काली स्कॉर्पियो और मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त की गई।
नोट डबल कराने पहुंचे थे पिता-पुत्र
पुलिस के मुताबिक, सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र के सतजोरा गांव निवासी नंदकिशोर राय अपने पुत्र सौरभ कुमार के साथ 95.27 लाख रुपये लेकर सिंहासनी गांव पहुंचे थे। बताया गया कि वे नोट डबल कराने के झांसे में आ गए थे और रकम लेकर स्कॉर्पियो से पहुंचे थे।
लेकिन सौदा पूरा होने से पहले ही पुलिस ने छापेमारी कर पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
ऐसे फंसाता था गिरोह
जांच में सामने आया है कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। गिरोह के सदस्य पहले कम रकम डबल कर लोगों का भरोसा जीतते थे।
बताया गया कि मोतिहारी के छतौनी चौक स्थित जयसवाल होटल में आरोपियों ने 5 हजार रुपये के बदले 10 हजार रुपये देकर कुछ लोगों का विश्वास जीता। जब वह रकम बैंक में जमा करने पर असली साबित हुई तो लोगों को यकीन हो गया कि गिरोह वास्तव में नोट डबल कर सकता है। इसके बाद कई लोगों ने लाखों रुपये निवेश कर दिए।
ठगी का शिकार युवक खुद बन गया गिरोह का सदस्य
सोनवलिया निवासी अमित कुमार ने पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। अमित ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उससे भी नोट डबल करने के नाम पर 10 लाख रुपये ठग लिए गए थे।
जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने तीन लाख रुपये लौटाकर उसे गिरोह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। अपना डूबा पैसा निकालने के लालच में वह भी गिरोह के साथ जुड़ गया।
उसने पुलिस को बताया कि नोट डबल करने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल और अन्य सामान सफियाबाद स्थित मुन्ना खान के घर में रखा जाता था।
कई सफेदपोश नेताओं के नाम आए सामने
पुलिस जांच में जिला परिषद सदस्य मो. अषफाक अंसारी उर्फ सुडू खान, राजद नेता मो. जोहेब अली, जदयू नेता मुन्ना खान, सफियाबाद निवासी दिलशेर खान और कमाल खान के नाम सामने आए हैं।
पुलिस का कहना है कि ये लोग तंत्र-मंत्र, झाड़-फूंक और रासायनिक प्रक्रिया के नाम पर लोगों को ठगते थे। मामले में क्षेत्र के एक पूर्व विधायक का नाम भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम बंगाल के आसनसोल निवासी मो. फरहत हुसैन, पूर्वी चंपारण के फैसल आलम, गोपालगंज के प्रदीप पुरी और अमित कुमार, सीवान के सुदेश कुमार सुमन, बलहां स्कूल के हेडमास्टर कामेश्वर राय, सारण के नंदकिशोर राय और उनके पुत्र सौरभ कुमार शामिल हैं।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।