सहरसा जिले के बलवाहाट थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में एक युवक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज सहरसा सदर अस्पताल में चल रहा है। मामले को लेकर पीड़ित के पिता ने हिमांशु को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
घायल युवक की पहचान सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के भटपुरा वार्ड संख्या-3 निवासी परमानंद साह के 28 वर्षीय पुत्र प्रवेश कुमार साह के रूप में हुई है।
“बेटे को छोड़ने के लिए मांगे 50 हजार रुपए”
पीड़ित पिता परमानंद साह ने बताया कि उनका बेटा पटना में रहकर बीएससी की तैयारी करता है। 14 मई को उन्होंने बेटे को घर बुलाया था। आरोप है कि 16 मई की रात करीब 12:30 बजे बलवाहाट थाना की सब-इंस्पेक्टर शिल्पी कुमारी करीब 16 पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचीं।
परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी खिड़की खोलकर घर में घुस गए और बिना कोई कारण बताए प्रवेश कुमार को जबरन गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए।
परमानंद साह के मुताबिक, अगले दिन जब वे बलवाहाट थाना पहुंचे तो सब-इंस्पेक्टर ने बेटे को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की। गरीबी का हवाला देने पर उन्होंने किसी तरह 10 हजार रुपये की व्यवस्था कर पुलिसकर्मी को दिए, जिसके बाद उनके बेटे को छोड़ा गया।
शरीर पर मिले चोट के निशान
पिता ने बताया कि घर लौटने के बाद उनका बेटा ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। कपड़े हटाने पर उसकी जांघों और नितंबों पर गंभीर मारपीट के लाल निशान दिखाई दिए।
परिजनों ने पहले उसे सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल युवक का इलाज जारी है।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस हिरासत में प्रवेश कुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
पुलिस का पक्ष
बलवाहाट थानाध्यक्ष राजू कुमार ने बताया कि एक लड़की के अपहरण मामले में संदेह के आधार पर अनुसंधानकर्ता द्वारा युवक को पूछताछ के लिए थाना लाया गया था।
उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही युवक को छोड़ दिया गया। वहीं, सहरसा पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।