मधेपुरा जिले के कुमारखंड अनुमंडल अंतर्गत भतनी थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज आठ घंटे के भीतर किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। लगातार पुलिस दबिश और तकनीकी निगरानी के दबाव में आरोपित युवक लड़की को मधेपुरा में छोड़कर फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब साढ़े नौ बजे भतनी थाना क्षेत्र के एक गांव से नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद परिजन भतनी थाना पहुंचे और एक युवक पर बहला-फुसलाकर लड़की को ले जाने का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि किशोरी का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई थी।
पुलिस ने तकनीकी जांच से शुरू की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस ने भतनी थाना कांड संख्या 48/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) एवं 96 के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
थानाध्यक्ष राजीव कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की।
पुलिस दबाव में युवक ने छोड़ी किशोरी
लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई और तकनीकी निगरानी से आरोपित युवक दबाव में आ गया। बताया जा रहा है कि वह किशोरी को किसी अन्य स्थान पर ले जाने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण उसकी योजना सफल नहीं हो सकी।
शनिवार को युवक मधेपुरा क्षेत्र में किशोरी को छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। किशोरी को चिकित्सीय जांच के लिए भी भेजा गया है।
पुलिस कार्रवाई की हो रही सराहना
थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए लगातार तकनीकी जांच और छापेमारी की गई, जिसके कारण कम समय में ही लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। उन्होंने कहा कि आरोपित युवक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है।
घटना के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं ग्रामीणों ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो मामला गंभीर हो सकता था। स्थानीय लोगों ने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों और सोशल मीडिया उपयोग पर नजर रखने की अपील भी की है।