पटना में देर रात पुलिस-शूटर्स मुठभेड़, दो अपराधियों के पैर में लगी गोली
पटना: बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में राजधानी पटना के बिहटा इलाके में सोमवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस ने दो शार्प शूटर्स को गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। दोनों अपराधियों के पैर में गोली लगी है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बिहटा के आनंदपुर गांव के पास हुई मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, यह एनकाउंटर रात करीब 2 बजे बिहटा थाना क्षेत्र के आनंदपुर गांव स्थित बांध के पास हुआ। घायल अपराधियों की पहचान विदेशी राय और पप्पू राय के रूप में की गई है। पुलिस की विशेष टीम और एसटीएफ इस ऑपरेशन में शामिल थी।
घटना के बाद इलाके में देर रात तक अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना रहा।
घेराबंदी के दौरान अपराधियों ने की फायरिंग
दानापुर डीएसपी-2 अमरेंद्र कुमार झा ने बताया कि एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की।
पुलिस को देखते ही अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों अपराधियों को दौड़ाकर पकड़ लिया। इस दौरान दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया।
मौके से हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से कई अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों अपराधी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के इरादे से वहां जमा हुए थे।
घायल अपराधियों को पटना एम्स रेफर
मुठभेड़ के बाद घायल अपराधियों को पहले बिहटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दोनों को पटना एम्स रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों अपराधी पुलिस निगरानी में हैं।
हत्या और लूट के कई मामलों में वांछित
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों शार्प शूटर्स पर हत्या, लूट और अन्य संगीन मामलों के कई केस दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से इनकी तलाश कर रही थी। अब इनके आपराधिक नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
बिहार में बढ़े एनकाउंटर के मामले
बिहार में पिछले छह महीनों के दौरान अपराधियों के खिलाफ पुलिस अभियान और तेज हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के विभिन्न जिलों में करीब 19 मुठभेड़ की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है।