जन्म प्रमाण पत्र से लेकर जनगणना-2027 तक के कार्य पड़े ठप, डीएम ने जारी किया निलंबन आदेश
अररिया जिले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 68 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सभी पंचायत सचिव लंबे समय से अपने कार्यस्थल से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थे और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे थे। उनकी अनुपस्थिति के कारण पंचायत स्तर पर संचालित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे थे।
जिला पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने, वंशावली तैयार करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, षष्ठम राज्य वित्त आयोग और 15वें केंद्रीय वित्त आयोग की योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना और जनगणना कार्य भी प्रभावित
प्रशासन के अनुसार पंचायत सचिवों के हड़ताल पर रहने से मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना समेत पंचायत स्तर के दैनिक कार्य बाधित हो रहे थे। इसके अलावा भारत की जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों पर भी इसका असर पड़ रहा था।
लगातार कार्य प्रभावित होने के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमाण पत्र निर्गत करने और विभिन्न योजनाओं से जुड़े मामलों में लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं।
तीन दिनों में मांगा गया था स्पष्टीकरण
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत कार्यालय द्वारा 29 अप्रैल 2026 को ज्ञापांक-985/जि०पं० के माध्यम से हड़ताल पर रहने वाले पंचायत सचिवों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि किसी भी पंचायत सचिव ने इसका जवाब नहीं दिया।
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि संबंधित पंचायत सचिव अब तक अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं हुए हैं।
सरकारी आदेशों की अवहेलना का आरोप
जिला प्रशासन ने कहा कि निदेशक, पंचायती राज विभाग, बिहार और विभागीय सचिव द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में हड़ताल और अनधिकृत अनुपस्थिति में रहने वाले पंचायत सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया गया था।
डीएम ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि पंचायत सचिवों की लगातार अनुपस्थिति सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के साथ-साथ सरकार और वरीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना है। यह बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन माना गया है।
बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत कार्रवाई
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर जिला पदाधिकारी ने बिहार सरकारी सेवक नियमावली-2005 के नियम 9(1)(क) के तहत जिले के 68 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।