पुलिस की जांच में पता चला है कि ज्यादातर अपराधी अवैध शराब और नशीली चीजों के धंधे से जुड़े हैं। ये लोग लंबे समय से इन कामों से पैसा कमा रहे थे। अब पुलिस इनके पैसे के नेटवर्क को खत्म करने की योजना पर काम कर रही है। कई अपराधियों ने अपनी संपत्ति रिश्तेदारों के नाम पर छिपा रखी है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। अगर जरूरत पड़ी, तो पुलिस इनकम टैक्स विभाग और आर्थिक अपराध इकाई की मदद भी लेगी।
हिसाब नहीं दिया तो संपत्ति जब्त
पुलिस का कहना है कि अगर आरोपी अपनी कमाई का सही सबूत नहीं दे पाए तो कोर्ट की परमिशन लेकर उनकी जमीन, मकान, गाड़ियां और बैंक खाते जब्त कर लिए जाएंगे। पुलिस इनके बैंक के लेन-देन और इनकम टैक्स के कागजों की जांच करेगी। इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ अपराधियों को जेल भेजना नहीं, बल्कि उनके पैसों के साम्राज्य को खत्म करना है ताकि अपराध पर लगाम लग सके।
यह पूरी कार्रवाई 1 जुलाई 2024 से लागू हुए नए कानूनों के तहत की जा रही है। इन नए नियमों से पुलिस को अपराध से बनी संपत्ति को जब्त करने की ताकत मिली है। हालांकि, कोई भी संपत्ति जब्त करने से पहले कोर्ट की अनुमति लेना जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया सही तरीके से हो।
पूरे बिहार में चलेगा अभियान
यह अभियान सिर्फ पूर्णिया तक सीमित नहीं है बल्कि पुलिस मुख्यालय के आदेश पर पूरे बिहार में चलाया जा रहा है। राज्य के सभी 40 जिलों में ऐसे अपराधियों की लिस्ट तैयार की गई है। अभी तक पूरे बिहार में 1434 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव तैयार है जिनमें शराब, बालू और जमीन माफिया जैसे लोग शामिल हैं।
पूर्णिया में 21 अपराधियों पर हुई इस कार्रवाई के बाद से गलत धंधा करने वालों में काफी बेचैनी है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही और भी बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं। प्रशासन का संदेश साफ है कि अब सिर्फ जेल जाना ही काफी नहीं होगा बल्कि गलत तरीके से बनाई गई संपत्ति पर भी सरकार का कब्जा होगा।