सहरसा। जिले में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा टीआरई 1, 2 एवं 3 के तहत बहाल किए गए विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शिक्षा विभाग ने अब तक 20 ऐसे विद्यालय अध्यापकों को चिन्हित किया है, जिन पर फर्जी या संदिग्ध प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप है। विभाग ने ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सत्यापन अभियान में सामने आईं कई गड़बड़ियां
राज्य सरकार के निर्देश पर पिछले दो वर्षों से जिले में बहाल शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न प्रखंडों में शिविर लगाकर दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान पहले करीब 32 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में विसंगतियां पाई गई थीं।
लगातार जांच, दस्तावेज मिलान और साक्ष्य सत्यापन के बाद अब विभाग ने 20 विद्यालय अध्यापकों की अंतिम सूची तैयार की है, जिनके प्रमाण पत्रों में भिन्नता और असमानता सामने आई है। विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
4500 शिक्षकों की हुई थी बहाली, अब तक केवल 400 के दस्तावेज जांचे गए
जानकारी के अनुसार, जिले में टीआरई 1, 2 एवं 3 के माध्यम से करीब 4500 विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति हुई थी। लेकिन अब तक केवल लगभग 400 शिक्षकों के ही प्रमाण पत्रों का सत्यापन पूरा हो पाया है।
सहरसा जिले के 10 प्रखंडों में से केवल 7 प्रखंडों में वर्ग 1 से 5 तक नियुक्त शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच पूरी हुई है। ऐसे में अभी करीब 4000 से अधिक शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच बाकी है।
आगे और बढ़ सकती है फर्जी शिक्षकों की संख्या
शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों का मानना है कि शेष दस्तावेजों की जांच के बाद फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की संख्या और बढ़ सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई मामलों में प्रमाण पत्रों की जानकारी मूल अभिलेखों से मेल नहीं खाई है।
इसी वजह से अब सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक गंभीरता से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा।
बीपीएससी भर्ती प्रक्रिया पर भी उठने लगे सवाल
लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बाद बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली हुई हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक जांच अभी जारी है।
डीईओ ने कहा- फर्जी प्रमाण पत्र वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने बताया कि जिले में बहाल विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि विभाग गहराई से जांच कर रहा है और फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।