सुपौल: वीरपुर हवाई अड्डे का निरीक्षण, बिहार को ‘फ्लाइंग ट्रेनिंग हब’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम
सुपौल/वीरपुर। बिहार को “फ्लाइंग ट्रेनिंग हब” के रूप में विकसित करने की दिशा में गुरुवार को अहम पहल की गई। बिहार सरकार और भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन एयरो क्लब ऑफ इंडिया के साथ हुए समझौते के तहत छह सदस्यीय टीम ने वीरपुर हवाई अड्डे का निरीक्षण किया।
यह पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की संकल्पना के अनुरूप की जा रही है। निरीक्षण के दौरान टीम ने हवाई अड्डे की आधारभूत संरचना और संभावनाओं का आकलन किया। करीब एक घंटे तक चले निरीक्षण के बाद टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को सौंपेगी।
योजना के तहत यहां न केवल पायलट प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पावर्ड फ्लाइंग, ग्लाइडिंग, बैलूनिंग, स्काईडाइविंग, पैराग्लाइडिंग, हैंग ग्लाइडिंग और पैरासेलिंग जैसी साहसिक खेल गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी।
निरीक्षण टीम में एयरो क्लब ऑफ इंडिया के महासचिव अरविंद बड़ोनी, अमृता, एफटीओ कमीशन के अनिल वासन, बैलूनिंग कमीशन के इमो चाओबा सिंह, ड्रोन कमीशन के वर्ष कुकरेती और पावर हैंग ग्लाइडिंग कमीशन के सुकुमार दास शामिल थे। इस दौरान एसडीएम नीरज कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
एसडीएम नीरज कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। इस परियोजना का उद्देश्य विमानन खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसे एक खेल के रूप में बढ़ावा देना और देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए कुशल पायलट तैयार करना है।
परियोजना के लागू होने के बाद यहां उड़ान गतिविधियों को नियमबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, पायलटों को प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे और देशभर में फ्लाइंग क्लब स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इससे भारत के विमानन प्रशिक्षण और खेल विमानन इकोसिस्टम को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।