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Sunday, April 26, 2026

SUPAUL:सुपौल में कोर्ट आदेश पर चला बुल्डोजर, महादलित परिवारों के कच्चे मकान टूटे, विरोध पर रुका अभियान

सुपौल में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का लोगों ने किया विरोध, अभियान रोका गया

सिमराही नगर पंचायत के वार्ड-3 में कोर्ट आदेश पर शुरू हुई कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैनात

सुपौल जिले के नगर पंचायत सिमराही के वार्ड संख्या-3 में रविवार को न्यायालय के आदेश के आलोक में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रशासन की तीन सदस्यीय टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और निर्धारित जमीन को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

हालांकि, स्थानीय लोगों के विरोध के बीच प्रशासन को अभियान बीच में ही रोकना पड़ा। कार्रवाई के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

दंडाधिकारी के नेतृत्व में पहुंची टीम

जानकारी के अनुसार, टीम में एक नाजीर सहित दो न्यायालय कर्मी शामिल थे, जबकि दंडाधिकारी के रूप में राघोपुर प्रखंड के बीडीओ सत्येन्द्र कुमार यादव को प्रतिनियुक्त किया गया था।

विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ जिला से अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी।

एक दर्जन महादलित परिवार वर्षों से रह रहे थे

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है, वहां करीब एक दर्जन महादलित परिवार वर्षों से निवास कर रहे थे। इन परिवारों के कच्चे मकान भी बने हुए थे।

प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होते ही प्रभावित परिवारों ने विरोध जताया, जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

जमीन को लेकर वर्षों से चल रहा विवाद

सिमराही निवासी मो. अख्तर अली ने उक्त जमीन को अपनी पुश्तैनी संपत्ति बताते हुए दावा किया है। उनके अनुसार जमीन का कुल रकबा तीन कट्ठा 13 धुर है, जिसकी जमाबंदी उनके नाम से दर्ज है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में अमली सादा, बद्री सादा सहित अन्य लोगों ने जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। इसके बाद वर्ष 2011 में वहां टिन-चादर और फूस के मकान बना लिए गए।

कोर्ट ने 2018 में दिया था फैसला

जमीन विवाद को लेकर मो. अख्तर अली ने न्यायालय में टाइटिल सूट दायर किया था। जून 2018 में न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।

हालांकि, आदेश के बावजूद जमीन खाली नहीं कराई जा सकी, जिसके बाद उन्होंने दखल दिहानी वाद दायर किया। अब न्यायालय के निर्देश पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन ने कही यह बात

बीडीओ सत्येन्द्र कुमार यादव ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।