सुपौल पुलिस का बड़ा खुलासा: पिस्टल, गोली और ₹2.08 लाख के साथ 10 हथियार तस्कर गिरफ्तार
अंतरजिला हथियार गिरोह का भंडाफोड़, कई थाना क्षेत्रों में चला विशेष अभियान
सुपौल जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ की गई छापेमारी में अंतरजिला हथियार तस्कर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस, नगदी, मोबाइल फोन और कई वाहन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को सुपौल पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
एसपी ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने बताया कि यह विशेष अभियान 14 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक चरणबद्ध तरीके से चलाया गया। अभियान के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि अवैध हथियार कारोबारियों और अपराधियों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
14 अप्रैल को किशनपुर में पहली बड़ी कार्रवाई
अभियान के तहत 14 अप्रैल को किशनपुर थाना क्षेत्र के तुलापट्टी वार्ड संख्या-02 में छापेमारी की गई। यहां से पुलिस ने एक पिस्टल, एक मैगजीन, एक जिंदा कारतूस, एक चारपहिया वाहन और चार मोटरसाइकिल के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया।
19 अप्रैल को डिग्री कॉलेज के पास छापा
इसके बाद 19 अप्रैल को सुपौल थाना क्षेत्र अंतर्गत डिग्री कॉलेज के पास स्थित एक मकान में छापेमारी की गई। यहां से तीन पिस्टल, छह मैगजीन, दो मोबाइल फोन और ₹2 लाख 8 हजार नकद बरामद किए गए। इस कार्रवाई में एक अंतरजिला हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
उसी दिन पिपरा थाना क्षेत्र के दीनापट्टी वार्ड संख्या-14 में भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक पिस्टल, तीन मैगजीन, चार कारतूस और एक खोखा के साथ तीन तस्करों को दबोच लिया।
24 अप्रैल को राघोपुर में फिर सफलता
24 अप्रैल को राघोपुर थाना क्षेत्र के हुलास नहर पुल के पास पुलिस ने छापेमारी कर एक देशी कट्टा, दो जिंदा गोली, पांच अर्द्धनिर्मित पिस्टल, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए। इस दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रूपम कुमार, प्रभाष कुमार, हर्ष कुमार, विकास कुमार, अरविंद यादव, उपेंद्र मंडल, मुकेश कुमार, मनीष कुमार, शाहंसाह और मो. क्यामुल के रूप में की है। सभी आरोपी अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। विशेष रूप से अरविंद यादव के खिलाफ खगड़िया जिले में आर्म्स एक्ट के तहत पहले से मामला दर्ज है।
भारी मात्रा में हथियार और वाहन बरामद
अभियान के दौरान कुल पांच पिस्टल, दो देशी कट्टा, छह अर्द्धनिर्मित पिस्टल, दस मैगजीन, सात जिंदा कारतूस, एक खोखा, चार मोबाइल फोन, पांच मोटरसाइकिल, एक चारपहिया वाहन और ₹2.08 लाख नगद बरामद किए गए हैं।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद हथियारों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियारों की सप्लाई कहां से हो रही थी और किन-किन आपराधिक घटनाओं में इनका इस्तेमाल किया गया है।
साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद
सुपौल पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले में अपराधियों और हथियार तस्करों में हड़कंप मच गया है। लोगों को उम्मीद है कि इस अभियान से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।