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सहरसा में LPG वितरण पर सख्ती, देरी और लापरवाही पर एजेंसियों को नोटिस
खबर:
सहरसा जिले में घरेलू गैस (एलपीजी) की आपूर्ति में हो रही देरी और अनियमितता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार, 7 अप्रैल को जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई गई और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में तीनों तेल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक और जिले के सभी गैस एजेंसी संचालक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए, जबकि वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहे दंडाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित थे। जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि प्रशासन गैस वितरण को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिस दिन गैस सिलेंडर एजेंसी को प्राप्त हों, उसी दिन उपभोक्ताओं के बीच उनका वितरण अनिवार्य रूप से किया जाए। किसी भी परिस्थिति में सिलेंडरों का अनावश्यक भंडारण नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही ‘शून्य क्लोजिंग बैलेंस’ का सख्त लक्ष्य तय किया गया है, जिसके तहत एजेंसियों को प्रतिदिन उपलब्ध स्टॉक समाप्त करना होगा। यदि ओपनिंग बैलेंस दो अंकों में पाया जाता है, तो इसे गंभीर अनियमितता माना जाएगा।
समीक्षा के दौरान “राजा इंडेन गैस वितरक” और “शहीद रमन गैस वितरक” की कार्यशैली पर विशेष आपत्ति दर्ज की गई। इन दोनों एजेंसियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। कालाबाजारी, देरी या मनमानी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन निर्देशों के बाद अब जिले की गैस एजेंसियों पर व्यवस्था सुधारने का दबाव बढ़ गया है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिल सके।