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मधेपुरा जिले में रबी फसल उत्पादन के आकलन को लेकर मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को जिला पदाधिकारी मधेपुरा के जिला पदाधिकारी ने प्रखंड क्षेत्र के साहुगढ़-2 पंचायत स्थित गणेश स्थान में किसान हीरा सिंह के खेत पर फसल कटनी प्रयोग कार्य का निरीक्षण किया।
यह प्रयोग खेसरा संख्या-614, थाना संख्या-90/2 में 10×5 मीटर क्षेत्रफल में किया गया, जिसमें हरे गेहूं दाने का वजन 16.250 किलोग्राम दर्ज किया गया। इस दौरान प्रशासनिक एवं कृषि विभाग के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान उप समाहर्ता संतोष कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शिवनारायण राउत, जिला योजना पदाधिकारी उमाशंकर कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी रितेश रंजन कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजेश कुमार राम, डीईओ अजीत कुमार सहित अन्य कर्मी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
क्या है फसल कटनी प्रयोग का उद्देश्य?
इस प्रयोग का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन दर का वैज्ञानिक आकलन कर उसका प्रतिवेदन सरकार को भेजना होता है। इसी के आधार पर किसानों के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को मजबूती मिलती है। यह प्रयोग प्रतिदर्श (सैंपल) विधि के आधार पर पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर संयुक्त रूप से कृषि एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा कराया जाता है।
किसानों को दी गई अहम सलाह
जिला पदाधिकारी ने किसानों को उन्नत बीज और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक के उपयोग की सलाह दी, ताकि फसल की उत्पादकता बढ़ाई जा सके। साथ ही उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्र जैसे हार्वेस्टर, ट्रैक्टर और थ्रेसर के अधिक उपयोग पर जोर दिया।
वहीं, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे उत्पादन बढ़ता है और किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के फसल कटनी प्रयोग से न केवल उत्पादन का सही आकलन होता है, बल्कि किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने में भी मदद मिलती है।