पूर्णिया में दो अंचलाधिकारी सस्पेंड, हड़ताल पर बिहार सरकार की बड़ी कार्रवाई
पूर्णिया। बिहार सरकार ने आंदोलनरत अंचलाधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पूर्णिया जिले के दो अंचलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में और शामिल हैं।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि सरकारी कार्यों में बाधा, आदेशों की अवहेलना तथा कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। माना जा रहा है कि दोनों अधिकारी आंदोलन को तेज करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
अब तक 41 अंचलाधिकारी निलंबित
सरकार द्वारा आंदोलनरत अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अब तक राज्यभर में 41 अंचलाधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि लंबे समय से हड़ताल के कारण अंचल कार्यालयों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
9 मार्च से हड़ताल पर अधिकारी
बताया जा रहा है कि बीते 9 मार्च से बिहार के अंचलाधिकारी के बैनर तले हड़ताल पर हैं। राज्य के अंचलाधिकारी एवं 600 से अधिक राजस्व कर्मियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से राजस्व वसूली, भूमि सुधार कार्य और प्रशासनिक बैठकें प्रभावित हो रही हैं।
सरकारी निर्देशों की अनदेखी और कार्यों में बाधा को देखते हुए विभाग ने अब सख्ती बढ़ा दी है।
पूर्णिया के दोनों अधिकारियों पर पहले भी आरोप
पूर्णिया पूर्व के अंचलाधिकारी संजीव कुमार पर पहले भी लापरवाही के आरोप लगे थे। बताया जाता है कि उनके कार्यालय में भूमि संबंधी 2500 से अधिक मामले लंबित पड़े हैं।
वहीं की सीओ निकिता अग्रवाल पर भी लापरवाही तथा जनकल्याणकारी योजनाओं में अपेक्षित सहयोग नहीं करने के आरोप थे। जिला स्तर पर भी दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।
सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन
हड़ताल पर डटे अधिकारी प्रोन्नति और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित कार्यों में बाधा पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पूर्णिया जिले में दो अंचलाधिकारियों के निलंबन के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।