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Monday, April 27, 2026

बिहार में दाखिल-खारिज में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई: तत्कालीन CO सुचिता कुमारी को विभागीय दंड

दाखिल-खारिज में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई: किशनगंज की तत्कालीन सीओ सुचिता कुमारी को विभागीय दंड

पटना/किशनगंज: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज की तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ) सुचिता कुमारी को दाखिल-खारिज मामले में गड़बड़ी के आरोप में विभागीय दंड दिया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए संचयी प्रभाव के बिना दो वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का दंड दिया है।

फर्जी केवाला के आधार पर गलत नामांतरण का आरोप

सुचिता कुमारी, जो वर्तमान में औरंगाबाद के भू-अर्जन कार्यालय में राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो के पद पर कार्यरत हैं, पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी निबंधित केवाला के आधार पर गलत दाखिल-खारिज कर दिया। शिकायतकर्ता ने आपत्ति और साक्ष्य प्रस्तुत किए थे, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।

डीएम को सौंपी गई थी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच किशनगंज के जिला पदाधिकारी को सौंपी गई थी। किशनगंज समाहर्ता ने 29 अप्रैल 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद 19 जून 2025 को सुचिता कुमारी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की गई।

भातगांव पंचायत की जमीन से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला ठाकुरगंज प्रखंड के भातगांव पंचायत स्थित मौजा भातगांव (तौजी संख्या 322, थाना संख्या 01) की जमीन से जुड़ा है। पीड़ित मोहम्मद कासमुद्दीन ने आरोप लगाया था कि उनके सौतेले भाई मो. जमील अख्तर ने फर्जी केवाला बनाकर अंचल कार्यालय को गुमराह किया और जमीन का अवैध दाखिल-खारिज करा लिया।

आवेदन के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

शिकायतकर्ता कासमुद्दीन ने 29 नवंबर 2024 को दाखिल-खारिज रद्द करने के लिए अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण कर दिया गया।

मंत्री के निर्देश पर हुई उच्चस्तरीय जांच

मामला तत्कालीन राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी तक पहुंचा, जिसके बाद उनके निर्देश पर उच्चस्तरीय जांच कराई गई। जांच में तत्कालीन सीओ सुचिता कुमारी दोषी पाई गईं। पहले उन्हें निलंबित किया गया और अब विभागीय कार्यवाही पूरी होने के बाद दंडित किया गया है।