वैशाली/हाजीपुर: वैशाली जिले के जढुआ ओपी अध्यक्ष एवं पुलिस सब-इंस्पेक्टर कौशल किशोर ने 6 अप्रैल 2026 की देर शाम अपने किराए के मकान में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना ओपी क्षेत्र के पास स्थित आवास में हुई। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में एक महिला कांस्टेबल से कथित प्रेम संबंध, वैवाहिक तनाव और पारिवारिक विवाद को घटना की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
मृतक कौशल किशोर मूल रूप से खगड़िया जिले के सन्हौली थाना क्षेत्र स्थित चित्रगुप्त नगर के निवासी थे।
महिला कांस्टेबल से प्रेम प्रसंग की चर्चा
जांच में यह बात सामने आई है कि दरोगा कौशल किशोर का एक महिला कांस्टेबल से कथित प्रेम संबंध चल रहा था। बताया जा रहा है कि विवाह के बाद उनकी पत्नी इस संबंध को लेकर नाराज थीं और महिला कांस्टेबल से दूरी बनाने का दबाव बना रही थीं।
सूत्रों के अनुसार, जिस महिला कांस्टेबल का नाम सामने आया है, वह राखी कुमारी बताई जा रही हैं, जो मुंगेर की रहने वाली हैं और वर्ष 2021 बैच की सिपाही हैं। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
नवंबर 2025 में हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार कौशल किशोर का विवाह 30 नवंबर 2025 को समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय निवासी शिक्षक जितेंद्र रजक की पुत्री भाव्या से हुआ था। शादी के शुरुआती दिनों में दोनों का जीवन सामान्य और सुखमय बताया जा रहा है, लेकिन बाद में दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ने लगा।
परिजनों का कहना है कि पत्नी को पति के कथित संबंध की जानकारी मिलने के बाद विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे गहराता गया।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के पिता सच्चिदानंद रजक ने बताया कि उन्हें शादी के कुछ समय बाद बेटे के निजी जीवन से जुड़ी बातों की जानकारी हुई थी। उन्होंने बेटे को समझाया था कि अब शादी हो चुकी है और उसे परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी पक्ष की ओर से कौशल किशोर पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में रहने लगे थे।
एक करोड़ रुपये मांगने का आरोप
मृतक के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना से तीन-चार दिन पहले भाव्या के पिता जितेंद्र रजक, मां सुदामा भारती और भाई शाश्वत राज हाजीपुर स्थित किराए के मकान पर पहुंचे थे। उस समय कौशल किशोर की मां विमला देवी भी मौजूद थीं।
परिवार का आरोप है कि इस दौरान कौशल किशोर पर एक करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया गया और कहा गया कि रकम मिलने के बाद भाव्या तलाक दे देगी।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना वाले दिन क्या हुआ
परिजनों के अनुसार, 6 अप्रैल को पत्नी पक्ष की ओर से विवाद और बढ़ गया। मृतक की मां को घर भेज दिया गया और बाद में कौशल किशोर को न्यायालय परिसर में भी अपमानित किए जाने की बात सामने आई है।
कुछ देर बाद कौशल किशोर घर लौटे और फिर अपने कमरे में चले गए। इसी दौरान उन्होंने अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मार ली।
मिला ढाई लाइन का सुसाइड नोट
घटना स्थल से एक छोटा सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। उसमें लिखा था:
"मैं अपने होशो-हवास में गोली मारकर आत्महत्या कर रहा हूं, मेरे आत्महत्या करने में किसी का कोई दोष नहीं है।"
इस नोट के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि परिजन जहां प्रताड़ना का आरोप लगा रहे हैं, वहीं नोट में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है।
पुलिस कर रही है जांच
घटना के बाद स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, पारिवारिक विवाद, सुसाइड नोट और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
कई सवाल बाकी
इस आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या दरोगा निजी तनाव से टूट चुके थे? क्या पारिवारिक दबाव और वैवाहिक विवाद इसकी वजह बना? या इसके पीछे कोई और कारण था?
फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच में जुटी है।