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Monday, April 27, 2026

सहरसा में फर्जी शिक्षकों पर गिरेगी गाज: जांच में 80 से अधिक अध्यापकों के प्रमाण पत्रों में मिली गड़बड़ी

सहरसा में फर्जी शिक्षकों पर गिरेगी गाज: जांच में 80 से अधिक अध्यापकों के प्रमाण पत्रों में मिली गड़बड़ी

सहरसा। जिले में पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से चयनित विद्यालय अध्यापकों में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के दौरान अब तक करीब 80 से अधिक विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी पाई गई है। इसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और ऐसे शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी। सहरसा जिले में टीआरई-1 से लेकर टीआरई-3 तक कुल 4527 शिक्षकों की नियुक्ति वर्ग 1 से 12वीं तक के विद्यालयों में की गई थी।

पांच प्रखंडों की जांच में खुला बड़ा खेल

विभाग द्वारा नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच-पड़ताल शुरू की गई है। अब तक जिले के पांच प्रखंडों में कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, जिसमें 80 से अधिक शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में कमी और संदिग्ध तथ्य सामने आए हैं।

प्रमाण पत्रों की जांच मई माह के अंत तक जारी रहेगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जिले में कुल कितने फर्जी शिक्षक नियुक्त हुए हैं।

50 से अधिक शिक्षकों से मांगा गया स्पष्टीकरण

शिक्षा विभाग ने अब तक 50 से अधिक विद्यालय अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगते हुए उनके प्रमाण पत्रों के संबंध में जवाब तलब किया है। वहीं तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों को शोकॉज नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

जांच में सामने आई कई चौंकाने वाली बातें

सत्यापन के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। इनमें—

  • कई अभ्यर्थियों की उम्र प्रमाण पत्रों में अलग-अलग पाई गई।
  • कुछ शिक्षक एसटीईटी परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने के बावजूद नियुक्त पाए गए।
  • कई शिक्षकों ने एक ही सत्र में दो-दो डिग्री हासिल करने का दावा किया।
  • कई प्रमाण पत्रों में अंक, नाम और तिथि में अंतर पाया गया।

इन सभी मामलों की विभागीय स्तर पर गहन जांच जारी है।

फर्जी शिक्षकों से वेतन की होगी वसूली

जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने बताया कि जिले में नियुक्त विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों में कई त्रुटियां पाई गई हैं। ऐसे सभी शिक्षकों को चिन्हित किया जा रहा है। फर्जी पाए जाने वाले शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी और उनसे अब तक लिए गए वेतन की राशि भी वसूली जाएगी।

शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं अभिभावकों और आम लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले फर्जी शिक्षक अब तक कैसे बहाल हो गए।