भागलपुर में 36 घंटे से एंबुलेंस में सड़ रही बॉडी: सहरसा में 10 गोलियां मारकर की गई थी सतीश झा की हत्या
सहरसा में जमीन कारोबारी सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा की हत्या के बाद उनका शव 36 घंटे से भागलपुर के पोस्टमार्टम हाउस में एंबुलेंस में पड़ा सड़ रहा है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम में लापरवाही हुई और शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है।
मृतक के मामा मनोज कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान शरीर को कई जगह से चीरकर तीन गोलियां निकाली गईं, लेकिन सिलाई अधूरी छोड़ दी गई। शरीर के कुछ हिस्से बाहर निकले हुए हैं और शव से तेज दुर्गंध आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम हाउस में किसी तरह की व्यवस्था नहीं है और 36 घंटे से शव एंबुलेंस में पड़ा सड़ रहा है।
शुक्रवार रात अंधाधुंध फायरिंग में हुई थी हत्या
दरअसल, शुक्रवार रात सहरसा के सदर थाना क्षेत्र में बाइक सवार पांच अपराधियों ने थार गाड़ी में बैठे सतीश झा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बदमाशों ने करीब 20 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से करीब 10 गोलियां सतीश को लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सहरसा से भागलपुर भेजा गया शव
परिजनों का आरोप है कि सहरसा में ही पोस्टमार्टम हो सकता था, लेकिन पुलिस ने शव को भागलपुर रेफर कर दिया। शनिवार देर रात शव को भागलपुर के मायागंज अस्पताल लाया गया और पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया, लेकिन 36 घंटे बीत जाने के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने अधिकारियों से पोस्टमार्टम कराने की मांग की तो उन्हें बताया गया कि रविवार होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं होगा। इससे नाराज होकर परिजन रविवार रात शव पोस्टमार्टम हाउस में छोड़कर सहरसा लौट गए।
परिजन बोले- शव का 40% हिस्सा गल चुका
मृतक के मामा का कहना है कि लंबे समय तक शव एंबुलेंस में पड़े रहने से शरीर का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा गल चुका है। उन्होंने कहा कि शव के पास खड़े रहना भी मुश्किल हो गया है और दुर्गंध के कारण लोगों की तबीयत खराब हो रही है।