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सुपौल में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक: DM सावन कुमार सख्त, मान्यता रद्द करने का निर्देश
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सुपौल जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता एवं उप विकास आयुक्त की उपस्थिति में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी विद्यालयों में नामांकन, मान्यता एवं नवीनीकरण, कस्तुरबा विद्यालय, नशामुक्ति कार्यक्रम, बालिका स्वास्थ्य जागरूकता, ट्यूनिंग ऑफ स्कूल, अनुदान राशि के व्यय और निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
कस्तुरबा आवासीय विद्यालयों में नामांकन की तुलना में कम उपस्थिति पर जिलाधिकारी ने चिंता जताई और विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने सत्र 2026-27 में सभी रिक्त सीटों को भरने तथा छात्रावासों की मरम्मत कार्य शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने को कहा। सुपौल और राघोपुर में कम खर्च पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
निजी स्कूलों पर सख्ती
निजी विद्यालयों की समीक्षा के दौरान ज्ञानदीप पोर्टल पर 121 बच्चों का नामांकन नहीं लेने और 13 बच्चों को अस्वीकार करने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। राधेश्याम पब्लिक स्कूल द्वारा मौखिक परीक्षा के आधार पर नामांकन लेने की शिकायत पर ऐसे विद्यालयों की मान्यता रद्द करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा 45 निजी विद्यालयों द्वारा सीटें नहीं भरने पर उनकी मान्यता समाप्त करने को कहा गया।
ट्यूनिंग ऑफ स्कूल योजना के तहत 190 विद्यालयों को दी गई राशि में से केवल 68 विद्यालयों द्वारा ही खर्च किए जाने पर असंतोष जताया गया। अधिकारियों को जांच कर बच्चों से फीडबैक लेने का निर्देश दिया गया। खेल मद में मात्र 7 प्रतिशत राशि खर्च होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और गुणवत्तापूर्ण खेल सामग्री खरीदने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर जोर
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान भवन निर्माण की गुणवत्ता, ईंट, छत, कोटा स्टोन और पानी के छिड़काव पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। खराब गुणवत्ता पाए जाने पर संवेदकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही निर्माण स्थलों पर सूचना बोर्ड और शिकायत हेतु संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लर्निंग आउटकम पर पीपीटी प्रस्तुत नहीं होने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और अगली बैठक में इसे अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।