मुम्बई में इलाज के दौरान CRPF जवान कन्हैया झा का निधन: 15 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचा गांव
बेगूसराय। जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र स्थित दहिया गांव निवासी सीआरपीएफ जवान कन्हैया झा (40) का मुंबई में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले तीन महीनों से गंभीर बीमारी के कारण में भर्ती थे। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
जवान का पार्थिव शरीर विमान से पटना लाया गया, जहां सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें तिरंगा समर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विशेष वाहन से पार्थिव शरीर को पैतृक गांव दहिया लाया गया। गांव पहुंचते ही “कन्हैया झा अमर रहें” के नारों से माहौल गूंज उठा और अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
अंतिम संस्कार सिमरिया गंगा घाट पर किया गया, जहां उनके 15 वर्षीय इकलौते पुत्र आशीष झा ने मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे पत्नी अनुबिता झा, पुत्र आशीष और 13 वर्षीय पुत्री आयशा को छोड़ गए हैं।
कन्हैया झा ने वर्ष 2002 में सीआरपीएफ की 147 मोकामा बटालियन से सेवा की शुरुआत की थी। उनकी पोस्टिंग डोडा (जम्मू-कश्मीर), सिलचर (असम), चंदौली (उत्तर प्रदेश) और पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में रही। बीमारी के बाद हाल ही में उनका स्थानांतरण मुजफ्फरपुर कर दिया गया था।
उनके निधन से पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने बताया कि कन्हैया झा मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के थे और जब भी छुट्टी पर गांव आते थे, सभी से आत्मीयता से मिलते थे।